प्रयागराज में लग रहे महाकुंभ तक आने-जाने के लिए जिले के श्रद्धालुओं को साधन की कमी नहीं होगी। सोनभद्र डिपो की 34 बसों के अलावा इटावा क्षेत्र के भी 70 बसों को सोनभद्र से संचालित किया जाएगा। यह बसें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से कुंभ जाएंगी।
चार राज्यों की सीमा के कारण भी रोडवेज का जिले की परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर है। महाकुंभ का पहला स्नान 13 जनवरी को है। वर्षों बाद दुनिया के इस सबसे बड़े मेले की मेजबानी यूपी को मिली है।
प्रदेश सरकार दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं में काेई कसर नहीं छोड़ना चाह रही। यूपी में प्रवेश के साथ ही उन्हें आवागमन के साधनों के लिए भटकना न पड़े, इसके मद्देनजर रोडवेज की अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं।
महाकुंभ मेले के लिए पिछले दो माह में ही सोनभद्र डिपो को 15 नई बसें मिली हैं। इसके साथ ही डिपो का बस बेड़ा 56 से बढ़कर 71 का हो गया है। डिपो की 34 बसें महाकुंभ के लिए लगाई गई हैं। इनमें से 17 बसें जौनपुर डिपो के माध्यम से बदलापुर, सुजानगंज से चलाई जाएंगी।
इसके अलावा इटावा क्षेत्र की 70 बसें सोनभद्र आएंगी। इन्हें सोनभद्र डिपो के अंतर्गत विभिन्न रुटों से संचालित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की सीमा पर दुद्धी, बभनी, बीजपुर, झारखंड सीमा पर विंढमगंज, कोन, मप्र की सीमा पर शक्तिनगर, अनपरा और ओबरा से बसों का संचालन होगा।
इसके अलावा रामगढ़, खलियारी रूट से आने वाले यात्रियों के भी जरूरत के अनुसार बसों का संचालन होगा। रोडवेज प्रबंधन इसकी तैयारियों में जोर-शोर से जुटा हुआ है।
52 यात्री हुए तो सीधे गांव तक आएगी बस
महाकुंभ में जाने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए परिवहन निगम ने विशेष सुविधा दी है। लोग रोडवेज बसों की बुकिंग भी करा सकेंगे। अगर एक साथ 52 यात्री होंगे तो रोडवेज बस सीधे गांव तक लेने भी जाएगी। यह सुविधा जिले के दूरदराज के इलाकों के लिए काफी मुफीद है, जहां आवागमन के पर्याप्त साधनों का अभाव है। ग्राम प्रधान या अन्य जिम्मेदार नागरिकों के माध्यम से एक साथ 52 यात्रियों का किराया भुगतान कर रोडवेज बसों को महाकुंभ मेले के लिए बुक कराया जा सकेगा।