अनपरा। एबीवीपी और आरएसएस की ओर से डीएवी पब्लिक स्कूल अनपरा प्रांगण में सोमवार को नारी शक्ति दिवस के रूप में रानी लक्ष्मीवाई की 183 वीं जयंती विविध कार्यक्रमों के साथ मनायी गई।
छात्रा आकांक्षा पाण्डेय ने कहा कि ‘नारी की निंदा न करो नारी नर की खान, नारी से नर होत है सूर प्रहलाद समान’ जिस समाज की नारी सशक्त, सबल, सुशिक्षित होगी वह समाज उतना ही प्रगति पथ पर अग्रसर होगा। छात्रा आशा यादव ने कहा कि नारी सिर्फ भोग की वस्तु नहीं है, न ही नारी अबला है। हर संघर्ष से टकराना उसको भी आता है । हर मुश्किल से गुजरना उसको भी आता है। नारी एक साथ फूल की तरह कोमल है तो पत्थर की तरह मजबूत भी है। महारानी लक्ष्मीबाई का संपूर्ण जीवन संघर्ष और प्ररेणादायक है। विद्यालय की शिक्षिका सुधा सिंह ने सरकार द्वारा सामाजिक तथा आर्थिक मोर्चो पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संसद द्वारा पारित कुछ अधिनियमों की चर्चा की उन्होंने कहा कि देश को पूर्ण विकसित करने के लिए महिला सशक्तिकरण एक मजबूत हथियार है । कार्यक्रम के अध्यक्ष उप प्राचार्य ए के सिंह रहे। इस दौरान जिला संघ प्रचारक अनुराग ने महारानी लक्ष्मीबाई की जीवनी एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। संचालन अनिता सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम में सुधीर पाठक, वेद दूबे तहसील संयोजक मौजूद रहे।
अनपरा। अनपरा तापीय परियोजना आवासीय परिसर स्थित डॉ अम्बेडकर सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज में रानी लक्ष्मी बाई की जयंती बड़े धूमधाम से मनायी गयी। इस अवसर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाषण एवं गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नीतू ने रानी लक्ष्मी बाई के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रानी लक्ष्मी बाई का जीवन नारीत्व, साहस, अमर देश भक्ति तथा अजेय पराक्रम का प्रतीक था। इनके जीवन से हमें प्रेरणा लेकर राष्ट्र की रक्षा तथा विकास हेतु सदैव तत्पर रहना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य गिरिवर शंकर तिवारी ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि पाठ्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनियों का समावेश होना चाहिए जिससे छात्रों में राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत हो सके। कार्यक्रम की संयोजक शोभा सिंह थी। गिरीश नारायण शुक्ल,अशोक कुमार सिंह आदि ने विचार व्यक्त किये।