सोनभद्र। कोविड संक्रमण के दौरान माता-पिता के निधन से अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण के लिए संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिले में 53 बच्चों को चिह्नित किया गया है। इन बच्चों के वैध संरक्षकों को चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। बच्चों के भरण-पोषण, चिकित्सा, शिक्षा आदि की सुविधाएं दी जाएंगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र प्रोत्सायन ने बताया कि राबर्ट्सगंज ब्लॉक में 18, म्योरपुर में 10, चोपन में नौ, चतरा में पांच, नगवा में तीन, बभनी में तीन, दुद्धी में चार और घोरावल में एक बच्चे को चिह्नित किया गया है। उन्होंने बताया कि 53 चिह्नित बच्चों के अलावा 47 बच्चों का आवेदन भी प्राप्त हुआ है, जिनकी जांच के लिए संबंधित लोगों को प्रेषित कर दिया गया है। जांच के आधार पर जो बच्चे पात्र होंगे, उन्हें इस योजना में शामिल कर लिया जाएगा।
शादी के लिए मिलेंगे एक लाख, एक हजार
सोनभद्र। योजना के तहत 18 वर्ष तक के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों की मौत कोविड काल में हो गई हो या फिर माता-पिता में से किसी एक की मौत एक मार्च 2020 से पहले हो गई हो, जबकि दूसरे की मौत कोविड काल में हुई हो इस योजना में शामिल किए जाएंगे। योजना के श्रेणी में आने वाले बच्चों के वैध संरक्षकों के बैंक खाते में चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। इसके अलावा जो बच्चे पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं और विभाग से संचालित संस्थाओं में रखे गए हैं, उन्हें कक्षा छह से 12 तक की शिक्षा के लिए अटल आवासीय व कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा। कक्षा नौ उत्तीर्ण होने पर टैबलेट व बालिकाओं के 18 वर्ष पूर्ण या इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने पर शादी के लिए एक लाख एक हजार रुपये दिए जाएंगे।