सोनभद्र। एक फरवरी को मौजूदा केंद्र सरकार संसद में अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करेगी। इस पर किसानों की नजर टिकी हुई है। किसानों को उम्मीद है कि इस बार का बजट उनके लिए कुछ खास लेकर आएगा।
राबटर्सगंज ब्लॉक के सेमरी गांव के राजेंद्र प्रसाद मिश्र और बिल्ली मारकुंडी निवासी सुधाकर का कहना है कि केेंद्र सरकार किसानों को खाद, बीज में सब्सिडी समय से देने की व्यवस्था लागू करें। किसानों के उपज का उचित मूल्य निर्धारण होना चाहिए। सरकार किसानों को प्रथम वरीयता देते हुए उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए कानून बनाएं। क्योंकि देश के किसान खुशहाल रहेंगे तभी देश तरक्की करेगा। छपका गांव के रहने वाले रासबिहारी देव और पीथा के अरुण मिश्रा का कहना है कि सरकार उचित मूल्य पर किसानों को खाद, बीज मुहैया कराए। साथ ही गांव-गांव कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए प्रशिक्षण दे। हिनौता निवासी ओमप्रकाश पाठक का कहना है कि किसानों के मिट्टी की जांच कर अविलंब रिर्पोट मुहैया कराया जाए। इसके लिए ग्रामीणों को लगातार जागरूक कराते रहने के लिए योजना बनाई जाए। करारी गांव के शिवेंद्रनाथ और ममुआ गांव के रहने वाले अरुण देव का कहना है कि किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर किसानों को नवीनतम तकनीक, मौसम की जानकारी देने की व्यवस्था के साथ ही फसल बीमा की तरह किसान बीमा की योजना लागू की जानी चाहिए। कहा कि किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार की खेती करने के लिए प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था होती रहनी चाहिए।