सोनभद्र। स्वराज अभियान और आदिवासी वनवासी महासभा ने बुधवार को लखनऊ में समाज कल्याण आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कोल को जनजाति का दर्जा देने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने इसके पूर्व मंगलवार को निदेशक जनजाति विकास और निदेशक जनजाति शोध संस्थान को भी पत्रक सौंपा है।
ज्ञापन में स्वराज अभियान नेता पूर्व आईजी एसआर दारापुरी व आदिवासी वनवासी महासभा के प्रवक्ता दिनकर कपूर ने कहा कि वर्ष 2013 में ही जनजाति शोध संस्थान ने जांच कर कोल को जनजाति का दर्जा देने की संस्तुति भारत सरकार को की थी। लेकिन अब तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई। जनजाति का दर्जा न मिलने से कोल वर्ग के लोगों को वनाधिकार कानून का लाभ नहीं रहा है। इसी नाते प्रदेश के आदिवासियों के लिए लोकसभा की एक सीट भी आरक्षित नहीं हो पा रही। महासभा के प्रवक्ता दिनकर कपूर ने बताया कि किसी सरकार ने कोल को आदिवासी का दर्जा देने की दिशा में कदम नहीं उठाया। मोदी सरकार ने भी इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। बताया कि 30 नवंबर को दिल्ली में किसान संगठनों के संसद पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान इस सवाल को भी उठाया जायेगा।