सोनभद्र। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवंटित की गई प्रथम किस्त की धनराशि लिपिकीय त्रुटि से बांदा जिले में किसी दूसरे के खाते में चली गई। ऐसे में उनका आवास बनना अधर में लटका हुआ है। इसका खुलासा परियोजना निदेशक एनएन मिश्रा की जांच में हुआ। उन्होंने दुद्धी ब्लॉक के बैरखड़ और पकरी गांव का निरीक्षण किया, जहां धीमी गति से निर्माण मिलने पर उन्होंने सेक्रेटरी को फटकार लगायी और कार्य तेजी से कराने का निर्देश दिया।
पीडी बुधवार को बैरखड़ ग्राम पंचायत में पहुंचे। यहां उन्होंने जांच में पाया कि चार लाभार्थी अपात्र हैं। उनका आवास आवंटन निरस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि मोतीलाल और फूलवंती का जमीन का विवाद से निर्माण नहीं शुरू हो सका। इनकी भी राशि भी वापस कराने के लिए कहा गया है। केवलाधारी का निर्माण नींव स्तर तक था, 25 मार्च तक आवास को छत स्तर तक बनाने के लिए कहा। धीमी गति से कार्य कराने वालों की सुविधाएं रोकने का भी निर्देश दिया गया। पकरी गांव में जांच में पहुंचे पीडी ने बताया कि यहां 61 आवासों में से 36 आवास पूर्ण मिले। 23 आवास के निर्माण की गति धीमी है। बालू, शटरिंग की समस्या से लाभार्थियों ने अवगत कराया। सेेक्रेटरी को उन्होंने कार्य तेजी से कराने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि पकरी के तीन लाभार्थियों सकरतिया पत्नी बाल गोविंद, सानमति पत्नी बचनू और सीमा पत्नी महेंद्र की प्रथम किस्त 44-44 हजार रुपये लिपिकीय त्रुटि से बांदा के यूपी ग्रामीण बैंक में चली गई। इससे उनका आवास निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने इस पर कार्रवाई कर लाभार्थियों की राशि उनके खातों में वापस मंगाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान बीडीओ प्रवीणानंद भी मौजूद रहे।