सोनभद्र। कांशीराम शहरी आवासों के तर्ज पर अब ओबरा नगर पंचायत में प्रधानमंत्री शहरी आवास का निर्माण होगा। इसको लेकर जमीन का पुनर्ग्रहण हो चुका है। आवासों के निर्माण के लिए यहां तीन बीघे जमीन आवास विकास परिषद को दी गई है। करीब 1350 आवासों का निर्माण यहां कराया जाना है। इससे गरीब और छत विहीन लोगों को आशियाना मिल सकेगा। जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर सदर तहसील प्रशासन ने जमीन चिह्नित कर उसका पुनर्ग्रहण करा दिया है।
नगरीय क्षेत्रों में अब भी ऐसे तमाम लोग निवास करते हैं, जिनके पास अपनी खुद की जमीन और मकान नहीं है। तमाए ऐसे लोग हैं, जिनके पास जमीन तो है लेकिन वे मड़ई, झोपड़ी बनाकर उसी में परिवार के साथ गुजारा कर रहे हैं। ऐसे लोगों को अब सहारा देने की पहल शुरू की गई है।
अब कांशीराम शहरी आवासों की तर्ज पर जिले के ओबरा नगर पंचायत में प्रधानमंत्री शहरी आवासों का निर्माण होगा। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर जमीन चयन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। दरअसल प्रधानमंत्री शहरी आवासों के निर्माण की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को मिली हुई है। परिषद ने जिला प्रशासन से इसके लिए जमीन मांगी थी। उनकी डिमांड पर जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने सदर एसडीएम शादाब असलम को जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया था।
एसडीएम असलम और तहसीदार नंदलाल सिंह ने बताया कि ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री शहरी आवासों के निर्माण के लिए तीन बीघे जमीन चिह्नित की गई। इसके बाद डीएम के निर्देश पर जमीन का पुनर्ग्रहण करा दिया गया है।
उधर डूडा के अभियंता मिनहाज उमर ने बताया कि ओबरा में प्रधानमंत्री शहरी आवास के निर्माण की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को मिली है। इसमें 1345 आवासों का निर्माण कराकर उन्हें पात्र लाभार्थियों को आवंटित किया जाना है।
हालांकि अभी तक परिषद ने आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। यह योजना 2022 तक लागू रहेगी। आवासों के आवंटन के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है।