मल्देवा (मिल्लतनगर) में सोमवार की रात जलसे का आयोजन किया गया। इसमें उलेमाओं ने तकरीर पेश की। शायरी से पूरी रात शमा बांधे रखा। इस मौके पर कादरिया गर्ल्स कालेज (मदरवा निस्वां) का उद्घाटन हुआ और दारूल उलूूम कादरिया नूरिया महाविद्यालय बघाड़ू से फारिग होने वाले 33 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई।
इस मौके पर गर्ल्स कालेज को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पूरी रात मिल्लतनगर जलसे में नातिया कलाम, शायरी और इस्लामी तकरीरों का सिलसिला जारी रहा। मदरसे के संस्थापक हजरत नसीर ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्य वक्ता बिहार से आए हजरत मौलाना अबुल हक्कानी ने अपने संबोधन में लोगों को इस्लामी तरीके से जिंदगी को संवारने और गुजारने की नसीहत दी।
उन्होंने महिलाओं के हक हकूक की बात कही। कहा कि जिंदगी में मां का ओहदा सबसे बड़ा है। हजरत मौलाना मोजाहिद हुसैन ने भी इस्लाम और शरीयत के रास्ते पर सबको चलने की बात कही। आजमगढ़ से आए हजरत अजीजे मिल्लत, हजरत नसीरे मिल्लत ने कहा कि महिलाओं, छात्राओं के कालेज खुलने से अब महिलाओं को बड़ी आसानी से तालीम मिलेगी। मुफ्ती महमूद मौलाना हेफाजत हुसैन, मौलाना महमूद आलम, मौलाना नजीरूल करवरी, कारी मोहम्मद उस्मान ने भी अपने विचार रखे।
मूल्क के मशहूर नातिया शायर हजरत दिलकश रांचवीं ने अपने कलाम से लोगों का दिल जीत लिया। अंत में दारूल उलूम कादरिया नूरिया महाविद्यालय के 33 छात्रों को उपाधियों से नवाजा गया। आलीम के नौ, हाफिज के 11 और कारी के 13 छात्रों को उपाधियां दी गईं। इन छात्रों को हजरत नसीरे मिल्लत, अजीजे मिल्लत, हजरत अबुल हक्कानी के मुबारक हाथों से डिग्रियां दी गईं। संचालन मोहम्मद जाहिद रजा ने किया।
उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश समेत अन्य कई राज्यों के लोगों ने जलसे में शिरकत की। इस मोके पर यूपी के राज्यमंत्री व्यास जी गोड़, विधायक रूबी प्रसाद, संजय यादव, जुबेर आलम, गौस मोहम्मद, इश्तियाक खां, कौनेन अली, विजय यादव, डा. लवकुश प्रजापति आदि रहे।