सोनभद्र। जमीन के अभाव में वर्षों से लंबित जिले में कृषि विज्ञान केंद्र के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने राजकीय कृषि प्रक्षेत्र मंगुराही की करीब साढ़े 32 एकड़ भूमि कृषि विज्ञान केंद्र के लिए देने की मंजूरी दी है। यह भूमि नि:शुल्क दी जाएगी। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि अयोध्या के निर्देशन में कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण होगा। पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने से आधुनिक भवन के साथ ही प्रयोगशाला और अलग-अलग फसलों के लिए फार्म हाउस के निर्माण में भी सहूलियत होगी। मोटा अनाज के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी विकसित होगा।
जिले में कृषि विज्ञान केंद्र का संचालन तिसुहीं में हो रहा है। यहां पर्याप्त जगह न होने से शोध कार्य नहीं हो पा रहे। किसानों का प्रशिक्षण में भी दिक्कतें आती हैं। नए कृषि विज्ञान केंद्र के निर्माण की कवायद लंबे समय से चली आ रही है। कुछ वर्ष पूर्व शासन से इसके लिए धनराशि भी आवंटित हो गई थी, लेकिन जमीन उपलब्ध न होने से इसे वापस करना पड़ा। शासन के निर्देश पर नए सिरे से जमीन की तलाश शुरू की गई। पिछले महीनों जिला प्रशासन ने राबर्ट्सगंज-वाराणसी हाईवे पर स्थित मंगुराही में जमीन चयनित कर प्रस्ताव प्रेषित किया था। यह भूमि राजकीय कृषि प्रक्षेत्र के नाम पर है, मगर इसका उपयोग नहीं हो पा रहा। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने यह भूमि कृषि विज्ञान केंद्र निर्माण के लिए देने की मंजूरी प्रदान की है। राजकीय कृषि प्रक्षेत्र से यह भूमि आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र के नाम हस्तांतरित की जाएगी। इसके बाद शीघ्र ही धनराशि आवंटन कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र बनने से जिले में कृषि के क्षेत्र में नए शोध और खेती के नए तौर-तरीके विकसित करने में सहूलियत मिलेगी।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की भी मिली है मंजूरी
पहाड़ी और दुरुह भौगोलिक संरचना के साथ सिंचाई के सीमित संसाधनों के कारण जिले में मोटा अनाज का उत्पादन अधिक होता है। मोटा अनाज की प्रजातियों के संवर्द्धन के लिए शासन ने कुछ माह पहले ही यहां कृषि विज्ञान केंद्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए नए आधुनिक भवन के साथ ही पर्याप्त कृषि भूमि की उपलब्धता भी जरूरी थी। अब साढ़े 32 एकड़ जमीन उपलब्ध होने से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना में भी मदद मिलेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के लिए मंगुराही में साढ़े 32 एकड़ जमीन नि:शुल्क देने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। जमीन के अभाव में कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण नहीं हो पा रहा था। पर्याप्त भूमि होने से यहां नए भवन के अलावा रिसर्च लेबोरेट्री, अलग-अलग फार्म हाउस आदि बनाने में मदद मिलेगी। शोध कार्य बेहतर ढंग से हो सकेगा। - डॉ. एमपी सिंह, समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र, तिसुहीं।