जिले की चारों तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। कुल 304 शिकायतें आईं, जिसमें 40 का ही निस्तारण हो सका। शेष 264 मामले लंबित रह गए।
उन्हें शीघ्र मौके पर जाकर निस्तारित करने की हिदायत के साथ संबंधित अधिकारियों को सुपुर्द किया गया। नतीजा त्वरित न्याय की उम्मीद में आए ज्यादातर फरियादी मायूस लौटे।
राॅबर्ट्सगंज में तहसीलदार अमित कुमार की मौजूदगी में 116 शिकायतों पर सुनवाई हुई। मौके पर और टीम भेजकर 23 का निस्तारण हुआ। शेष 93 फरियादियों को आश्वासन लेकर मायूस लौटना पड़ा।
दुद्धी तहसील में डीएम बीएन सिंह की अध्यक्षता में कुल 72 प्रार्थना पत्रों में से सिर्फ 3 का निस्तारण हुआ। इस दौरान डीएम और एसपी अशोक मीणा, एसडीएम निखिल यादव मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
ओबरा में एसडीएम विवेक सिंह की मौजूदगी में एडीएम सहदेव मिश्रा की अध्यक्षता में 67 शिकायतें सुनी गईं। कुल 12 मामले निस्तारित हुए। घोरावल में कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीओ जागृति अवस्थी ने की।
कुल 49 शिकायतें सुनते हुए दो का निस्तारण कर शेष 47 प्रार्थना पत्रों को समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
दो पक्ष आपस में भिड़े
सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर शनिवार को दो पक्ष आमने-सामने हो गए। मामला चुर्क क्षेत्र स्थित जमीन के विवाद को लेकर रहा। एक पक्ष काउंटर पर अपना प्रार्थना पत्र दर्ज करा रहा था, तभी दूसरा पक्ष भी शिकायत लेकर वहां पहुंच गया।
दोनों पक्ष एक-दूसरे से गाली-गलौज करने लगे। मामला न थमते देख भारी संख्या में लेखपाल, वकील और समाधान दिवस पर आए अधिकारी भी दौड़ पड़े। दोनों तहसीलदार के पास पहुंचे और एक-दूसरे की शिकायत किया। क्षेत्रीय लेखपाल को नापी के निर्देश दिए गए।