सोनभद्र। जनता की समस्या के समाधान के लिए जिले के चारों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन तो हो रहा है, लेकिन जनता की समस्याएं कम निस्तारित हो रही हैं। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 278 मामले आए। इसमें सिर्फ 34 ही निस्तारित हुए। 244 मामलों में फरियादियों को आश्वासन देकर लौटा दिया गया। इन समस्याओं का कब तक निस्तारण होगा, इसका कोई तय समय नहीं है। इससे समस्याओं के निस्तारण के लिए लोग तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं।
ओबरा में जिलाधिकारी बीएन सिंह और एसपी डाॅ. यशवीर सिंह और एसडीएम विवेक कुमार सिंह की मौजूदगी में जनता की समस्याओं का निस्तारण किया गया। जनता से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों ने सुना। डीएम ने शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश विभाग से जुड़े संबंधित अधिकारियों को दिए। यहां कुल 53 शिकायतें आईं। मौके पर आठ मामले निस्तारित किए गए। शेष 45 प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने का निर्देश दिया गया।
इस मौके पर डीडीओ शेषनाथ चौहान, तहसीलदार सुनील कुमार, सीएमओ डाॅ.अश्वनी कुमार, डीआईओएस, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव आदि रहे।
सदर तहसील में सीडीओ सौरभ गंगवार, एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी, एएसपी कालू सिंह, तहसीलदार अमित कुमार आदि ने 104 शिकायतें सुनते हुए, मौके पर 10 मामले निस्तारित किए। छह टीमों को क्षेत्र में भेजकर छह प्रकरणों को निस्तारित किया गया। यहां कुल 16 मामले निस्तारित हुए।
घोरावल में एसडीएम राजेश सिंह, तहसीलदार, सीओ अमित कुमार आदि ने 70 शिकायतें सुनते हुए मौके पर पांच मामले निस्तारित कराए। एक मामला टीम भेजकर निस्तारित किया गया। वहीं दुद्धी तहसील में एसडीएम निखिल यादव, तहसीलदार ज्ञानेंद्र आदि ने 51 शिकायतें सुनते हुए, मौके पर ही तीन मामले निस्तारित किए। एक मामला टीम भेजकर निस्तारित कराया गया। यहां कुल चार मामले निस्तारित हुए। शेष मामलाें के निस्तारण समय से करने के लिए संबंधितों को निर्देशित किया गया।