जिले के चारों विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे 26 प्रत्याशियों पर नोटा भारी रहा है। यानी कि इन प्रत्याशियों को मिले कुल वोटों से नोटा को मिले वोट कहीं ज्यादा हैं। खास बात यह है कि नोटा से कम वोट पाने वालों में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के दो प्रत्याशी भी शामिल हैं। दुद्धी और राबर्ट्सगंज विधानसभा सीट से लड़ रहे कांग्रेस के प्रत्याशी बसंती पनिका और कमलेश ओझा को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। वहीं घोरावल से कांग्रेस प्रत्याशी विंदेश्वरी और ओबरा रामराज ही नोटा से अधिक वोट प्राप्त कर सके हैं। चारों विधानसभा क्षेत्र में नोटा से अधिक मात्र 14 प्रत्याशी वोट पाएं हैं।
जिले की सभी विधानसभा सीट से कुल 40 प्रत्याशी चुनावी मैदान थे। घोरावल विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक 12 प्रत्याशी, राबर्ट्सगंज और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से 10-10 तथा ओबरा विधानसभा क्षेत्र से आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इन प्रत्याशियों में सिर्फ 14 प्रत्याशियों को ही नोटा से अधिक मत प्राप्त हुए हैं। 26 प्रत्याशी नोटा से भी कम वोट पाएं हैं। इसमें दुद्धी एवं सदर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी भी शामिल है, जो नोटा के बराबर भी मत प्राप्त नहीं कर सके हैं। आंकड़ों के अनुसार चारों विधानसभा क्षेत्र में नोटा को कुल 15,925 मत मिले हैं। इसमें घोरावल विस से 4481, दुद्धी से 4756, ओबरा से 3077 और राबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र से नोटा को 3612 वोट मिले हैं। राष्ट्रीय पार्टी रही राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के दो प्रत्याशी नोटा से भी कम मत पाए हैं।