राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में चलाए गए स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान के दौरान 25 कुष्ठ रोगी मिले। इस अभियान में स्वास्थ्य टीम ने घर-घर जाकर लोगों के हाथ, पैर, चेहरे, नसों व त्वचा की जांच की।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. प्रेमनाथ ने बताया कि जिले में 30 जनवरी से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई और यह 13 फरवरी तक चला। अभियान के तहत स्वास्थ्य टीम ने 123 संदिग्ध मरीजों को चिह्नित किया और जांच के बाद 25 कुष्ठ रोगी मिले। इसमें से 14 पीबी एवं 11 एमबी के रोगी शामिल हैं। विभाग की तरफ से मरीजों का निशुल्क उपचार कराया जा रहा है। डॉ. प्रेमनाथ ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह एक साथ खाने पीने, उठने-बैठने, सोने और हाथ मिलाने से यह नहीं फैलता है।
यह है कुष्ठ रोग के लक्षण
जिला कुष्ठ सलाहकार डॉ. जयवर्धन ने बताया कि शरीर पर सुन्न दाग, हथेली या पैर के तलवों में सून्नता, नसों में सूजन, हाथ, पैर, आंख में कमजोरी, घाव जिसमें दर्द न हो कुष्ठ रोग के लक्षण हैं। अगर किसी के शरीर पर दाग धब्बे हो तो जांच अवश्य कराएं। स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच एवं इलाज निशुल्क किया जाता है। उन्होंने बताया कि पीबी के मरीजों का इलाज छह माह तक एवं एमबी के रोगियों का उपचार एक वर्ष तक किया जाता है।