राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर ऊंर्जांचल में स्थापित 24 आरओ प्लांट जांच में बंद पाए गए। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई ने सोमवार को जांच में आरओ प्लांट के बंद मिलने को गंभीर बताया। कहा इसकी रिपोर्ट एनजीटी की ओर से गठित ओवरसाइट कमेटी को भेजी जाएगी।
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव ( पूर्वी उत्तरप्रदेश) अंकुश दुबे ने आरओ संयंत्रों के बंद होने का मुद्दा उठाया था। इस मामले में उन्होंने ओवरसाइट कमेटी को पत्र भेजा था। इसी शिकायत के आधार पर सोमवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता उमेश कुमार गुप्ता ने स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान ऊर्जांचल के औद्योगिक संस्थानों की ओर से एनजीटी के आदेश पर स्थापित किए गए आरओ संयंत्रों का निरीक्षण व उनसे होने वाली पेजयल आपूर्ति की जांच की। इस दौरान स्थापित 24 आरओ प्लांट बंद मिले। निरीक्षण में एनटीपीसी शक्तिनगर के दो, एनसीएल कृष्णशिला के सात, एनसीएल बीना के चार, एनसीएल ककरी के ग्यारह आरओ संयंत्र बंद पाए गए। इन प्लांटों से लंबे वक्त से पेयजल आपूर्ति नहीं होने की बात सामने आई। कुछ ऐसे भी प्लांट मिले जो पेयजल आपूर्ति के लायक नहीं थे। अवर अभियंता, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर स्थापित आरओ संयंत्रों के इस तरह लंबे समय से बंद पडे़ रहना गंभीर प्रकरण है। जांच रिपोर्ट ओवरसाइट कमेटी को भेजी जाएगी। निरीक्षण के दौरान एनटीपीसी शक्तिनगर से सुदीप मन्ना, एनसीएल कृष्णशिला से ओमवीर, एनसीएल बीना से विवेक कुमार, एनसीएल ककरी से एपी मिश्रा के साथ-साथ शिकायतकर्ता अंकुश दुबे व दयासागर दुबे मौजूद रहे।