सोनभद्र। जिले के दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने बुधवार को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक के दौरान बीएसए दफ्तर के बाबू राजेश कुमार द्वारा सदर विधायक भूपेश चौबे के साथ दुर्व्यवहार को लेकर उठाए गए मामले की गाज आखिरकार गिर ही गई। सीएम के निर्देश पर डीएम अमित कुमार सिंह की तरफ से भेजे गए पत्र के क्रम में संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल मिर्जापुर कामता राम पाल ने शुक्रवार को निलंबन का आदेश पारित कर दिया। मामले में उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक को जांच अधिकारी बनाया गया है। निलंबन अवधि में राजेश उप शिक्षा निदेशक कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
सप्ताह भर पूर्व सहायक अध्यापकों के नियुक्ति पत्र वितरण में बीएसए कार्यालय के एक बाबू की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए थे। उसी दौरान सदर विधायक भूपेश चौबे से दुर्व्यवहार का भी मामला भी उठा।
गत बुधवार को जब सीएम योगी आदित्यनाथ जिले के दौरे पर आए तो कलेक्ट्रेट में विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान एमएलसी केदारनाथ सिंह ने सीएम को अवगत कराया कि बीएसए कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजेश कुमार ने सदर विधायक भूपेश चौबे के साथ दुर्व्यवहार किया है। इस पर सीएम ने तत्काल संबंधित लिपिक को निलंबित करने के निर्देश दिए। इस पर डीएम ने निलंबन की संस्तुति करते हुए जेडी को पत्र भेज दिया। शुक्रवार को जारी निलंबन आदेश में जेडी कामता राम पाल ने कहा है कि राजेश कुमार के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं) अपील नियमावली 1999 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में राजेश को वित्तीय नियम संग्रह खंड दो, भाग दो से चार के मूल नियम- 53 के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। प्रस्तर दो में उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जाएगा, जब राजेश इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार, वृत्ति व्यवसाय में नहीं है।