सोनभद्र। शासन के निर्देश के तहत दो अक्टूबर को जिले के 1403 गांवों को खुले से शौचमुक्त करना है। अब तक जिले में 722 गांव ही खुले से शौचमुक्त हो सके हैं। अब भी 681 गांवों में पूरे शौचालय नहीं बन पाए हैं। ऐसे में महज 51 दिनों में 681 गांवों में ओडीएफ घोषित करना पंचायती राज विभाग के सामने चुनौती से कम नहीं है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला प्रशासन ने गांवों को ओडीएफ घोषित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बावजूद इसके अब तक बभनी ब्लॉक के 72 राजस्व गांवों में से 48 गांव, चतरा के 181 गांवों में से 98 गांव, चोपन के 93 गांवों में से 13 गांव, दुद्धी के 99 गांव में से 31 गांव, घोरावल के 349 गांव में से 178 गांव, म्योरपुर के 123 गांव में से 38 गांव, नगवां के 134 गांव में से 44 गांव और राबर्ट्सगंज ब्लॉक के 352 राजस्व गांवों में से 272 गांव ही खुले में शौचमुक्त हो सकें। शेष गांवों में शौचालयों का निर्माण चल रहा है। जिला समन्यवक अनिल केशरी ने कहा कि दो अक्तूबर तक सभी गांवों को खुले से शौचमुक्त कर दिया जाएगा। निगरानी समितियों के सदस्यों के माध्यम से लोगों को शौचालय बनने से होने वाले लाभ के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। कहा कि जिन गांवों के प्रधान और सचिव शौचालयों का निर्माण कराने में रुचि नहीं लेंगे उनके खिलाफ डीपीआरओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी।