अनपरा। कृष्णशिला रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे रैक से कोयला परिहवहन करने वाले निजी ट्रांसपोर्टरों द्वारा कोयले के यार्ड का आकार बढ़ाने के चक्कर में सैकड़ों पेड़ों को जहां जमीदोंज कर दिया गया वहीं शेष पेड़ों को आग के हवाले कर पेड़ों के असतित्व को खतरे में डाल दिया गया। वन विभाग की उदासीनता के कारण हरे पेड़ो को भी लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए काटने से गुरेज नही कर रहे।
कृष्णशिला रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर पर परियोजना द्वारा लाखों रुपये खर्च कर भारी संख्या में पेड़-पौधों का रोपण किया गया है। जिससे खदान क्षेत्र में आने वाली धूल व प्रदूषण से बचा जा सके। परियोजना में सभी स्थानों पर लगे पेड़-पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी परियोजना के साथ-साथ वन विभाग की भी होती है। परन्तु वन विभाग की उदासीनता के कारण कृष्णशिला रेलवे स्टेशन से रेलवे वैगन लोड कराने वाले निजी ट्रांसपोर्टर अपने निहित स्वार्थ के लिए पेड़ों को जमीदोंज कर कोल यार्ड बना रहे है। आलम यह है कि बड़े-बड़े हरे पेड़ों को भी मशीन लगाकर जमीदोंज कर दिया गया है। बचे पेड़ों में आग लगा दी जाती है। शुक्रवार को भी कई पेड़ आग से झुलसते देखे गये। वन विभाग की अधिकारियों की मिली भगत व परियोजना के अधिकारियो की उदासीनता पेड़ो के अस्तित्व पर भारी पड़ रहा है। इन पेड़ो के रोपण में लाखों रुपये प्रतिवर्ष खर्च किया जाता है। लोगों का कहना है कि आम आदमी के लिए वन विभाग ने नियम बना रखे है परन्तु इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में अनपरा वन रेंज के रेंजर दिनेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी।