सिंगरौली (सोनभद्र)। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने बुधवार को सहकारी बैंक के पर्यवेक्षक के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति का खुलासा किया। देर शाम तक कार्रवाई जारी रही। इस वजह से देर शाम तक स्पष्ट नहीं हो सका कि कुल कितने की संपत्ति का पता चला है।
बैढ़न के जरहा गांव निवासी गंगा प्रसाद शाह डेढ़ दशक पूर्व जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीधी में लीड प्रबंधक थे। इसी दौरान इनके खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ। मुकदमे की विवेचना के दौरान आरोपी गंगा शाह बीते सालों से जिला सहकारी बैंक माड़ा (माड़ा) में बतौर पर्यवेक्षक सेवा देे रहे थे। बुधवार सुबह टीम ने उनके बैढ़न स्थित आवास के साथ पैतृक गांव जरहा समेत दो प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की तो खलबली मच गई। सूचना दोपहर तक सार्वजनिक हो पाई। ईओडब्ल्यू रीवा की टीम में निरीक्षक प्रेरणा पांडेय, आलोक त्रिवेदी, प्रवीण चतुर्वेदी सहित करीब 50 की संख्या में अधिकारी व पुलिस कर्मी शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक (रीवा) राजेश दंडोतिया के निर्देशन में की गई। अफसरों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अनुपातहीन करोड़ों की संपत्ति मिली है। इसमें एक स्कार्पियो, एक जेसीबी मशीन, एक कार, दो ट्रक, किसान विकास पत्र, एफडीआर, 18 बैंकों के पासबुक जिसमें लाखों रुपये निवेश किए गए हैं। इसके अलावे बैढ़न में तीन मंजिला भारी भरकम मकान, पैतृक गांव से लाखों का सोने चांदी के आभूषण, भूमि दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों का कहना था कि कार्रवाई अभी जारी है, पूरी होने के बाद अधिकृत तौर पर ब्योरा उपलब्ध कराया जाएगा।