दुद्धी। रजिस्ट्री कार्यालय (सब रजिस्ट्रार दफ्तर) में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा शुक्रवार को सतह पर आ गया। दोपहर तीन बजे के करीब दर्जनों अधिवक्ता सब रजिस्ट्रार दफ्तर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। भ्रष्टाचार-कमीशन बाजी बंद करो... जैसे नारे लगाए गए।
अगुवाई कर रहे सिविल बार संघ के अध्यक्ष अमिताभ जायसवाल आदि का कहना था कि रजिस्ट्री कार्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। बगैर कमीशन लिए रजिस्ट्री नहीं की जाती। इससे सरकार को राजस्व की भी क्षति पहुंच रही है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यालय में भ्रष्ट अधिकारियों को अगर तत्काल नही हटाया गया तो अधिवक्ता आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। अधिवक्ताओं ने कृषिक भूमि को अकृषिक घोषित कराने के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80 के घोषित प्राविधान के खिलाफ एक प्रतिशत अधिक शुल्क वसूली पर भी विरोध जताया और इस पर रोक लगाए जाने की मांग की। इससे पूर्व सिविल बार संघ की बैठक बार के सभागार में हुई। इसमें भी रजिस्ट्री कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नाराजगी जताई गई। अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल रजिस्ट्री कार्यालय के सब रजिस्ट्रार आलोक सिंह से मिला और उन्हें कार्यालय में हो रहे वसूूली, भ्रष्टाचार की जानकारी दी। सब रजिस्ट्रार ने भरोसा दिलाया कि समस्या का शीघ्र हल निकाला जाएगा। नारेबाजी के दौरान सत्यनारात्र्यण सिंह, विश्वनाथ गुप्ता, रामलोचन तिवारी, प्रभु सिंह, सत्यनारायण यादव, जवाहर लाल अग्रहरि, आशीष कुमार गुप्ता, राकेश श्रीवास्तव, नंदलाल, रामेश्वर तिवारी, रामजी पांडेय, इंद्रेश सिंह, अशोक तिवारी, कामेश्वर चौरसिया आदि मौजूद रहे।