अनपरा। हिन्दी विकास समिति के तत्वाधान में अनपरा परियोजना के प्रेक्षागृह में रविवार को अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया। इस दौरान देश-विदेश के लगभग एक दर्जन कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मलेन की शुरुआत गोरखपुर से आये कवि मनमोहन मिश्र ने सरस्वती वंदना से किया।
गाजीपुर से आए वरिष्ठ कवि हर नारायण हरीश ने महाभारत काल की तुलना बड़े ही सलीके से आज के युग से करते हुए कर्ण नामक शीर्षक के माध्यम से तीखा प्रहार किया। हास्य व्यंग के कानपुर से पधारे कवि केके अग्निहोत्री की कविताओं श्रोताओं ने खूब ठहाके लगाए। औरैया से आए राष्ट्रवाद के जाने माने कवि अजय अंजाम ने जिस दिन हिन्दुस्तान का जवान जागेगा, कश्मीर का जर्रा-जर्रा वंदेमातरम बोलेगा। बरेली से आए राष्ट्रीय लाफ्टर नर कंकाल ने श्रोताओं को खूब ठहाके लगवाए। प्रयागराज से आये कवि शैलेंद्र मधुर ने श्रृंगार रस की ंचल नदी के किनारे दो सुनाकर लोगो को मंत्र मुग्ध किया। नेपाल से आए लक्षमण नेपाली जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के हास्य कवि है ने भी श्रोताओं को खूब लोट-पोट किया। मिजार्पुर कीकवियित्री पूनम श्रीवास्तव ने भोजपुरी गीत उठ जा तू सजाना होइ गईले भोरवा, देखतनि अंगना अजोर होइ गईलें को श्रोताओ ने खूब सराहा। साथ ही स्थानीय कवि परियोजना में अधिशासी अभियंता जयनारायण गौतम व एलबी यादव ने भी अपनी रचनाओं से सबका दिल जीत लिया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रामसकल व परियोजना प्रमुख इं अखिलेश सिंह ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि कमलेश राजहंस ने किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक इं चंडी प्रसाद मिश्र, महाप्रबंधक इं आरपी सिंह, एई रवि प्रकाश, सीआईएसएफ कमाण्डेंट मनीष कुमार राय, उप मुख्य लेखाधिकारी अखिलेश त्रिपाठी, देवेन्द्र शुक्ल, हिन्दी विकास समिति के अध्यक्ष विक्रमादित्य द्विवेदी, हरिशंकर चौधरी, सचिव इं अलोक सिन्हा, केके पांडेय, भूपेंद्र पाठक, इं अजय प्रताप सिंह, अजय द्विवेदी व मयंक मांगलिक सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।