सोनभद्र। एनजीटी की सुपरवाइजरी कमेटी की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को पर्यावरण संरक्षण के मानकों को हर हाल में पूरा करने के निर्देश जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने दिए। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि वे औद्योगिक इकाइयों के राख निस्तारण सिस्टम का स्थलीय निरीक्षण करें और उसके निस्तारण संबंधी रिपोर्ट दें। चेताया कि जो औद्योगिक इकाइयां राख निस्तारण व पर्यावरण संरक्षण के मानकों को पूरा नहीं करेंगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि जिन औद्योगिक इकाइयों से राख निकल रही है, वे अपने-अपने इकाइयों की राख पंचायती राज विभाग से लगवाए जा रहे प्लांटों को दें ताकि ईंट का निर्माण कराया जा सके। इससे राख का निस्तारण भी होगा और गरीब तबके के लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इस कार्य को तेजी से अमल में लाया जाय। डीएम ने कहा कि राख से बने ईंटों को प्रधान मंत्री आवास, शौचालय आदि सरकारी योजनाओं के लिए प्रयोग किया जाएगा। राख निस्तारण की पिछले छह महीने की रिपोर्ट भी डीएम ने संबंधितों से एक सप्ताह के अंदर तलब किया है। कहा कि राष्ट्रीय हरित न्याधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाय। बैठक में एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड फ्रैंकलीन आदि मौजूद रहे।