सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी संतराम की अदालत ने बलात्कार के दोषी संतोष बैगा को सात साल का सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के मुताबिक चोपन थाने में 20 सितंबर 2015 को दी तहरीर में पीड़ित युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि 19 सितंबर 2015 को वह अपनी पत्नी के साथ गांव के बगल में स्थित जंगल में जलावनी लकड़ी लेने गया था। घर पर अकेले उसकी 20 वर्षीय बेटी थी जो हम लोगों के देर होने पर खोजबीन करने के लिए जंगल की ओर चली गई, लेकिन उससे मुलाकात नहीं हुई। जब वह घर वापस लौट रही थी तभी शाम करीब छह बजे चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़वा गांव निवासी संतोष बैगा पुत्र स्व. रामकिशुन ने बेटी को जबरन पकड़ लिया और खेत में ले जाकर बलात्कार किया। जब वे पति-पत्नी घर पर आए तो बेटी ने घटना की जानकारी दी। रात होने की वजह से उस दिन थाने पर सूचना देने नहीं आ सका। अगले दिन तहरीर पर चोपन पुलिस ने संतोष के विरुद्ध बलात्कार का केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। पर्याप्त सबूत पाए जाने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोषसिद्ध पाकर संतोष बैगा को उपरोक्त सजा सुनाई।