सोनभद्र (शक्तिनगर)। भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ ने मंगलवार को नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के कोल प्रोजेक्टों के महाप्रबंधक कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन किया। वक्ताओं केंद्र सरकार व कोल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही इन दोनों की नीतियों को मजूदर विरोधी बताया है।
एनसीएल की सभी परियोजना इकाईयों में केंद्र सरकार व कोयला प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ हुए एक दिनी प्रदर्शन काफी संख्या में कोयला श्रमिक व मजदूर नेता मौजूद रहे। धरना प्रदर्शन सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान केंद्र सरकार, कोल इंडिया व एनसीएल की परियोजना स्तर की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाया गया। संगठन के मीडिया प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि भारतीय मजदूर संगठन मैन पावर बजट में संशोधन, पदोन्नति, आवास एवं कालोनी की सड़कों का अनुरक्षण, आवासीय परिसरों की साफ सफाई व सुरक्षा से संबंधित गैजेट्स तथा अन्य समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद चतुर्वेदी एवं महामंत्री हीरामणि यादव ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि एकजुटता के बिना मांगे पूरी नहीं होगी। इसलिए सभी को एकता का परिचय देना होगा। बताया कि प्रदर्शन का कार्यक्रम मप्र के हिस्से में स्थित ब्लाक बी, झिंगुरदा, अमलोरी, निगाही, जयंत व यूपी क्षेत्र में स्थित दुद्धीचुआ, खडिय़ा, बीना, कृष्णशीला, ककरी आदि परियोजनाओं में हुआ।