सोनभद्र। जिले मेें ओवरलोड बालू-गिट्टी लदे वाहनों के धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बावजूद इसके आरोप है कि चेकिंग में लगे कुछ अधिकारियों एवं कर्मियों से सांठगांठ कर ओवरलोड वाहनों को पार करा रहे हैं। इसका खुलासा मंगलवार को टोल प्लाजा के समीप सोनभद्र ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों ने ओवरलोड ट्रकों को पकड़ कर हंगामा किया। इसकी जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम, एआरटीओ और सीओ ने कार्रवाई करने का आश्वासन देकर नाराज लोगों को शांत कराया। इसके बाद वाहनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी गांव में स्थित टोल प्लाजा के समीप सुबह करीब साढ़े नौ बजे ट्रक यूनियन के कुछ पदाधिकारी और मोटर मालिक ओवरलोड गिट्टी लदे छह ट्रकों को रोक कर प्रशासनिक/पुलिस के अधिकारियों को सूचना दी। इस दौरान ट्रकों के चालक और उन्हें पास कराने वाले कई पासरों ने वाहन रोकने वालों से तू-तू मैं-मैं करने लगे। इससे खफा होकर वाहन रोकने वाले आक्रोशित होकर ट्रकों के आगे खड़ा होकर प्रदर्शन करने लगे। मामला गंभीर होता देख ट्रकों को छोड़कर चालक और पासर फरार हो गए।
सदर एसडीएम यमुनाधर चौहान, एआरटीओ एसपी सिंह, सीओ अभिषेक ने मौके पर पहुंच कर लोगों को ट्रकों को सीज कराने के साथ ही वाहन स्वामी और चालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराने में जुट गए। इस दौरान वाहन स्वामियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों को पार कराने में शामिल कर्मियों और अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने बताया कि सर्वेक्षक योगेश शुक्ला ने पकड़े गए ठ्रकों के चालकों और मालिकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली पुलिस को तहरीर दे दी है। उधर वाहनों को रोकने में आद्या प्रसाद, शशिकांत दूबे, कमलेश यादव, अमित चौबे, धीरज यादव, संदीप पटेल, हर्ष देव सिंह, शिवपूजन, राजू चौबे, दिनेश पांडेय, आशीष चौबे, अजय पटेल, उमेश अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
सरकार को कर रहे बदनाम
सोनभद्र। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि जिले में कुछ अधिकारी सरकार विरोधी कार्य करते हुए सरकार को बदनाम करने की कोशिश में लगे हुए हैं। खनन विभाग की मिलीभगत ओवरलोड वाहन पार हो रहे हैं। वर्षों से ओवरलोड वाहन पास कराने का मामला चल रहा है। प्रशासन दोहरी नीति अपना रहा है। लोडिंग प्वाइंट पर ही अगर ओवरलोड प्वाइंट स्थल पर मैटेरियल लोड करने पर रोक लगा दें तो सभी समस्या का हल हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।