बभनी। बभनी ब्लॉक के सीमावर्ती इलाकों में तेंदू पत्ता के तोड़ान में लगे मजदूरों को मजदूरी के नाम पर रुपये नहीं बल्कि चावल की खुद्दी दी जा रही है। मजदूर विवश होकर खुद्दी लेकर ही तेंदू पत्ता फड़ मुंशियों और दलालों को बेच दे रहे हैं। वन निगम के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा श्रमिकों को भुगतना पड़ रहा है।
सीमावर्ती गांव जौराही, आसनडीह, बजिया, सतबहनी, छिपिया, इकदीरी गांव में श्रमिकों को तेंदू पत्ता में मजदूरी में रुपये के बजाए खुद्दी बांट कर मजदूरों की मजदूरी डकार ली जा रही है। वहीं वन निगम चुप्पी साधे हुए है। गरीब अपने पेट के खातिर मजदूरी न मिलने पर खुद्दी लेकर ही अपनी पत्ती फड़ मुंशी व दलालों को बेच दे रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि वन निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों को इसकी जानकारी है लेकिन उनकी ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। शोषण के शिकार तेंदू पत्ता श्रमिक मजदूरी के रूप में जो भी मिल रहा है, उसी से काम चला रहा रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि रुपये मांगने पर कहा जाता है कि खुद्दी ले जाओ। इस संबंध में इकाई अधिकारी गिरवर लाल का कहना है कि फड़ मुंशी द्वारा मजदूरों को रुपये कीे जगह पर चावल की खुद्दी दिए जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि फड़ मुंशी ऐसा कर रहे हैं तो उन्हें पत्र जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।