अनपरा। मई माह में पड़ रही भीषण गर्मी से प्रदेश में बिजली की मांग में जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है। सोमवार की शाम जहां बिजली की मांग 21000 मेगावाट पार कर गई। वहीं मंगलवार को भी 19000 मेगावाट से अधिक बनी रहीं।
उत्तर प्रदेश स्टेट लोड डिसपैच सेंटर बिजली की बढ़ती मांग को देख निजी बिजली घरों से बिजली खरीद कर हालात को संभालने में जुटा हुआ है। बिजली की बढ़ती मांग को देखकर विद्युत परियोजनाओं पर उत्पादन को लेकर दबाव बढ़ गया है। इस दौरान 2630 मेगावाट की अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की तीनों इकाईयों से 484 मेगावाट, 500 मेगावाट की अनपरा ब तापीय परियोजना की चौथी व पांचवीं इकाई से 854 मेगावाट, 500 मेगावाट की अनपरा डी परियोजना की छठवीं इकाई से 445 मेगावाट, 1200 मेगावाट की अनपरा लैंको सी परियोजना की दोनों इकाईयों से 1017.5 मेगावाट, हरदुआगंज डी से 405 मेगावाट, ओबरा ब से 475 मेगावाट, परीछा अ से 70 मेगावाट, परीछा ब से 347 मेगावाट, परीछा सी से 227.5 मेगावाट, अलखनन्दा 125 मेगावाट, बारा 1250 मेगावाट, मेजा 160 मेगावाट, रोजा प्रथम 273 मेगावाट, रोजा द्वितीय 546 मेगावाट तथा टांडा से 293 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।