ओबरा। नगर में प्रसव की व्यवस्था नहीं होने के कारण सोमवार रात को अति व्यस्त चोपन रोड पर भलुआ टोला नई बस्ती की सुषमा ने एक शिशु को जन्म दिया। सूचना के बावजूद जब तक सरकारी एंबुलेंस पहुंची तब तक शिशु का जन्म सड़क पर ही हो चुका था। सोमवार रात को जब सुषमा को प्रसव पीड़ा हुई तो उसके पति जितेंद्र ओबरा में प्रसव की व्यवस्था नहीं होने के कारण उसे चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए किसी तरह चोपन रोड पर पहुंचे। कोई वाहन नहीं मिलने पर उन्होंने सरकारी एंबुलेंस के लिए फोन किया। लेकिन समय से एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। उधर दर्द से कराह रही प्रसूता ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया। प्रसव होने के बाद भी एंबुलेंस के नहीं पहुंचने पर जच्चा और बच्चा को पुन: घर वापस ले जाया गया।
बाद में पहुंची एंबुलेंस से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन ले जाया गया। वहां दोनों को भर्ती कराया गया है। उधर डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए सीएमओ को निर्देशित किया गया था। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सड़क के किनारे बच्चा पैदा होने व समय से 102 एंबुलेंस को न पहुंचने के प्रकरण की जानकारी कराई गई।
पाया गया कि भलुआ टोला निवासी सुषमा देवी पत्नी जितेंद्र कुमार के द्वारा 102 एंबुलेंस बुलाने के लिए 27 मई की रात्रि आठ बजकर 40 मिनट पर फोन किया गया। एंबुलेंस प्रभारी ने रात्रि नौ बजकर आठ मिनट पर ओबरा पहुंचने की रिपोर्ट की है। जबकि सुषमा देवी व उसके परिवार का कहना है कि एंबुलेंस न आने और प्रसव पीड़ा बढ़ने की वजह से ओबरा नगर के सड़क किनारे रात में घरेलू महिलाओं की उपस्थिति में सकुशल बच्चा पैदा हुआ और जच्चा-बच्चा दोनों अपने घर भलुआ टोला वापस हो गये। सीएमओ ने बताया कि प्रकरण की वास्तविकता जानने के लिए एएनएम, डॉक्टर व आशा की टीम भेजी गयी, जहां प्रसूता की स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर पायी गई। परीक्षण के दौरान नवजात बच्चे का वजन मानक से कम पाया गया। इस पर उसकी देखभाल के लिए उसे चोपन सीएचसी के एनबीएसयू में भर्ती कराया गया है, जहां शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल की जा रही है। उसका स्वास्थ्य भी ठीक है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस को देर से पहुंचने के संबंध में जीपीएस ट्रैकिंग की जॉच अलग से करायी जा रही है। जिस स्तर पर कमी पायी जायेगी, उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।