बीजपुर। जरहां न्याय पंचायत के दर्जनों गांवों में अधिकांश हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है। क्षेत्र में बने ताल-तलैया, नदी, नाले सूखने से पशु पक्षी भी गला तर करने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं।
बीजपुर पुनर्वास प्रथम में दर्जनों हैंडपंप सुख चुके हैं बस्ती में बने मात्र तीन कुओं के अलावा अब टैंकर से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। यही हाल सिरसोती, नेमना, जरहा, पिंडारी, रजमिलान, महुली, सहित अन्य गांवो के कई चिह्नित टोलों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। भूर्गभीय जल नीचे चले जाने से अधिकांश हैंडपंप दो-चार घंटे चलकर पानी उगलना बंद कर दे रहे हैं। कुछ हैंडपंपों से लाल या गंदा पानी आ रहा है। ग्राम सभा की ओर से चलाए जा रहे पानी के टैंकर नाकाफी साबित हो रहे हैं। सबसे अधिक समस्या छुट्टा पशुओं और घरेलू पालतू जानवरों को हो रही है। ताल-तलैया और नदी, नाले सूखने से पशु पक्षी बेहाल है। जंगली इलाके में पानी की तलाश में हिंसक जानवर भी अब जंगल छोड़ पानी के लिए बस्ती का रुख कर रहे हैं। जिससे बच्चों व ग्रामीणों को जान का खतरा सताने लगा है।