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पीसीएम के बंद नौ क्रय केंद्र किये गए चालू

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सोनभद्र। किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिले में पीसीएफ के बंद पड़े नौ क्रय केंद्रों को शासन ने चालू करने का निर्देश दिया है। जिले के किसानों से मिलने के बाद यूपी के प्रमुख सचिव सहकारिता एमवीएस रामी रेड्डी ने बंद पड़े केंद्रों को चालू करने का निर्देश दिया था। सोमवार को सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता सोनभद्र, टीएन सिंह ने बंद क्रय केंद्रों को चालू करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही क्रय केंद्रों के प्रभारियों की तैनाती भी कर दी।
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उन्होंने साधन सहकारी समिति लिमिटेड ओबराडीह राजन कुमार आंकिक, बिसरेखी सुभाष सिंह आंकिक, बकौली कमलेश शर्मा कैडर सचिव शाहगंज, लोहांडी बालचंद पांडेय कैडर सचिव देवगढ़, उपकेंद्र फुलवारी विनोद शंकर मौर्या सहकारी पर्यवेक्षक केकराही, नई बाजार सहकारी संघ पुनीत सिंह आंकिक बिरधी, रामपुर साधन सहकारी समिति लिमिटेड सौरभ सिंह कैडर सचिव वैनी क्रय केंद्र प्रभारी नामित किये गए हैं। कहा कि मूल्य समर्थन के तहत प्राइज सपोर्ट खाते का संचालन समिति के अध्यक्ष, सभापति के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। चेताया कि अनियमितता के लिए क्रय केंद्र प्रभारी खुद जिम्मेदार होंगे। गेहूं खरीद में शिथिलता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इस सहकारी समितियों में पीसीएफ के गेहूं क्रय केंद्र स्थापित करने की अनुमति दी गई है। बता दें कि करीब 12 दिन पूर्व किसान कल्याण समिति घोरावल के तत्वावधान में किसानों का प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव सहकारिता रेड्डी से मिला था। प्रतिनिधिमंडल में शामिल विनोद कुुमार, रमाकांत दूबे, सुरेंद्र द्विवेद्वी, धनवंत सिंह ने किसानों ने बताया था कि घोरावल ब्लॉक में ज्यादातर गेहूं क्रय केंद्र बंद हैं। किसानों ने गेहूं की अच्छी पैदावार की है लेकिन अब केंद्रों के बंद होने से उनके गेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं लिये जा रहे हैं। तमाम किसानों ने केंद्रों पर ही उम्मीदों के साथ गेहूं डंप किया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसको लेकर एसडीएम घोरावल से लेकर डीएम तक के यहां फरियाद लगाई गई। आत्मदाह, फसल जलाने की चेतावनी भी दी थी। लेकिन प्रशासन ने उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया। आश्वासन के बाद भी गेहूं की खरीद नहीं की गई। किसानों ने जमकर बवाल भी किया था। बाद में प्रमुख सचिव से मिले तो उनकी मांग अब पूरी हुई।
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