रामगढ़। चतरा ब्लॉक के विभिन्न गांवों में आठ आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। वर्ष 2017 में ही इन भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। विभागीय स्तर पर कार्य भी शुरू कराया गया लेकिन बाद में कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया। इससे इन केंद्रों का संचालन अब भी दूसरी जगहों पर संचालित हो रहा है।
चतरा ब्लाक में 2017 में बने आठ आंगनबाड़ी केंद्र को अधूरा ही छोड़ दिया गया है। शासन से बाल विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्देश है, जिससे बच्चों को पूरक आहार नियमित रूप से एक जगह मिले और उन्हें कुपोषण से दूर किया जा सके। इसके लिए लेड़ुआ, केतार, पुरना कलां, चरकोनवा, ढोढरी, पथरहां, डुमरिया सहित अन्य जगहों पर केंद्र के भवन निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दे दी। समय-समय पर खंड़ विकास अधिकारी कार्यालय इसकी गुणवत्ता पर नजर भी रखना था लेकिन हाल यह है कि कई केंद्र अब भी अधूरे हैं। भवनों का अधूरा निर्माण छोड़ा गया है और उनमें दरवाजे खिड़की भी नहीं लग सके हैं। स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए शौचालय का निर्माण और पानी के लिए टंकी और सबमर्सिबल आदि की भी व्यवस्था करनी थी लेकिन वह कार्य भी अब तक नहीं कराया जा सका है। जबकि तमाम कार्यों का भुगतान हो चुका है। इस बारे में खंड विकास अधिकारी चतरा रमाकांत सिंह ने बताया कि यह मामला उनकें संज्ञान में अभी तक नहीं आया है। यदि ऐसा मामला सामने आया तो इसकी जांच कराकर उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। उधर बताया यह भी जा रहा है कि रामगढ़ प्रथम, रामगढ़ द्वितीय, जगदीशपुर, कुसुम्हा, कसारी, मंगरहथा आदि जगहों पर भुगतान पूरा न होने के वजह से काम प्रभावित है।