जिले को क्षय बीमारी से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहल तेज कर दी है। शासन ने टीबी से पीड़ितों के बारे सूचना देने वाले निजी क्लीनिक एवं अस्पताल संचालकों को एक हजार प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। इसके खात्मे के लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक तैार पर प्रचार प्रसार भी करेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वीके अग्रवाल ने बताया कि जिले को क्षय रोग से मुक्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग 24 फरवरी से दस मार्च तक अभियान चला चुका है। इस अभियान के तहत 90 टीमें घर-घर जाकर टीबी से ग्रसित लोगों को चिह्नित कर चुकी है। टीमों ने करीब 201554 लोगों से मुलाकात कर लगभग 3500 लोगों का बलगम जांच के लिए लिया। जांच करने पर 169 में क्षय रोग के लक्षण मिले हैं।
बताया कि अब शासन ने सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों को क्षय रोगियों के बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचना देना अनिवार्य कर दिया है। सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कहा कि अभी भी जिला अस्पताल, छह सीएचसी, तीन पीएचसी और 17 न्यू पीएचसी पर बलगम की जांच कर उपचार करने की व्यवस्था है। कहा कि जो निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालक क्षय रोगियों के बारे में जानकारी देंगे, उन्हें प्रति केस एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।