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Sonebhadra News: देसी शराब की प्रत्येक दुकान पर 14, कंपोजिट दुकानों के लिए 20-20 दावेदार

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जिले में शराब की दुकानों का लाइसेंस पाने के लिए लोगों ने खूब उत्साह दिखाया है। महंगे आवेदन शुल्क के बाद भी देसी की प्रत्येक दुकान के लिए 14 तो विदेशी मदिरा और बीयर की कंपोजिट दुकान के लिए 20-20 दावेदार हैं।
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भांग बेचने का लाइसेंस पाने वालों की रुचि कम रही है। नौ में से सिर्फ छह दुकानों के लिए आवेदन आए हैं। प्रत्येक दुकान के लिए चार दावेदार हैं। शराब बिक्री के लाइसेंस के लिए इस साल नए सिरे से लॉटरी कराई जा रही है।
इच्छुक लोगों को ऑनलाइन आवेदन के लिए 28 फरवरी तक का मौका दिया गया था। जिले में देसी शराब की 132, विदेशी शराब व बीयर की 88 कंपोजिट दुकान हैं। इसके अलावा एक मॉडल शॉप और नौ भांग की दुकानें हैं।
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इनके लिए कुल 3618 लोगों ने आवेदन किए हैं। दावेदारों का सबसे ज्यादा रुझान विदेशी मदिरा और बीयर की कंपाेजिट दुकानों पर रहा है। इन दुकानों का लाइसेंस पाने के लिए 1751 लोगों ने दावेदारी पेश की है। वहीं देसी शराब की 132 दुकानों के लिए 1837 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
मॉडल शाॅप के लिए छह लोगों ने आवेदन किया है। इस बार भांग की दुकानों के प्रति रुझान कम रहा है। जिले में भांग की कुल नौ लाइसेंसी दुकानें हैं, लेकिन सिर्फ छह पर ही 24 आवेदन आए हैं। आबकारी विभाग आवेदनों की स्क्रूटनी में जुटा है। इसके बाद छह मार्च को ऑनलाइन माध्यम से ई-लॉटरी कराई जाएगी।

नगरीय और बॉर्डर की दुकानों पर सबसे ज्यादा आवेदन
शराब बिक्री का लाइसेंस पाने के लिए सबसे ज्यादा मारामारी नगरीय क्षेत्र और बाॅर्डर इलाके की दुकानों के प्रति है। रॉबर्ट्सगंज, रेणुकूट, ओबरा, डाला, चोपन, अनपरा, दुद्धी के अलावा खलियारी, विंढमगंज, कोन, शक्तिनगर क्षेत्र की उन दुकानों पर अधिक आवेदन आए हैं, जिनकी सीमाएं पड़ोसी राज्यों से लगती हैं। इसमें भी बिहार, झारखंड सीमा वाली दुकान पाने की मारामारी अधिक है। कई दुकानों पर 25 से भी अधिक दावेदार हैं।

शराब व भांग दुकानों के लाइसेंस के लिए कुल 3618 आवेदन निर्धारित अवधि तक आए हैं। आवेदनों की स्क्रूटनी कराई जा रही है। इसके बाद छह मार्च को विकास भवन परिसर में ई-लॉटरी कराई जा रही है। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। ई-लॉटरी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हैं। -प्रवीण पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी।
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