सोनभद्र। जिले में कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं। उधर, संक्रमण से प्रभावित लोगों को दवा, इलाज के साथ ही दूसरे प्रांतों से घर लौटे प्रवासी मजदूरों को शासन की मंशा के अनुरूप रोजगार भी मुहैया कराये जा रहे हैं। गांव स्तर पर एक हजार 379 सर्विलांस टीमें सक्रिय हैं। टीमें घर-घर जाकर संक्रमण के लक्षणोें की जानकारी करती हैं और संक्रमण के कोई भी लक्षण मिलने पर संबंधित व्यक्ति के बारे में जिला स्तर पर स्थापित कोविड नियंत्रण कंट्रोल रूम के दूरभाषा नम्बर 05444-222384 व व्हाट्स एप नम्बर-8440127444 पर सूचित करती हैं। सूचना प्राप्त होते ही एम्बुलेंस संभावित संक्रमित व्यक्ति को जांच के लिए सैंपल कलेशन सेन्टर पर लाती है और परीक्षण के लिए सैंपल लेने के साथ ही संबंधित व्यक्ति को दवा भी दी जाती है।जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि सोनभद्र जिले में अब तक 43737सैम्पल जांच के बाबत लिये गये हैं। इनमें से 41299 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। जिले में अब तक 1228 पॉजिटीव मरीज पाये गये। जिसमें से 1027 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ होेकर अपने घरों पर जा चुके हैं। एक्टिव केस 188 रह गए हैं। मरीजों के स्वस्थ होने की दर 81 प्रतिशत के करीब है। जिले मेें कोरोना संक्रमित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। कुल 13 मरीजों की मौत हो चुकी है। जिसमें से दो मरीजों की मौत जिला अस्पताल परिसर में बने कोविड केयर सेंटर में इलाज के दौरान हुई है और अन्य की मौत दूसरे जिलों में इलाज के दौरान हुई है। पॉजिटीव मरीजों में से 16384 लोग संपर्क में आने से संक्रमित ट्रेस किए गए। उन्होंने बताया कि संक्रमण के रोक-थाम के लिए 1378 सर्विलांस टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। जिले में 16 कंटेनमेंट जोन सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए फेसकवर/मास्क का उपयोग करने, सामाजिक दूरी बनाये रखने तथा व्यक्तिगत साफ-सफाई यानि साबुन व पानी से बार-बार हाथ धोने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिले की सरकारी कार्यालयों व औद्योगिक इकाईयों के अलावा स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा कार्यालयों में आने-जाने वालों को नागरिकों को सुरक्षित रखने के निमित्त 164 कोविड हेल्प डेस्क क्रियाशील हैं। जहां आने वाले सभी लोगों के थर्मल स्क्रीनिंग के अलावा पल्स आक्सीमीटरकी जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला स्तरीय कोविड नियंत्रण कन्ट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील है। जिले में आए प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर मनरेगा के तहत अब तक 35 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित करते हुए रोजगार मुहैया कराया गया है।