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सोनभद्र में फिर मिले 13 कोरोना के मरीज, दस सिर्फ म्योरपुर के

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जिले में लगातार दूसरे दिन भी कोरोना के 13 नए मामले सामने आए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीपीएम के बाद इसी कार्यालय के दो कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। नए मरीजों में सर्वाधिक दस मरीज म्योरपुर ब्लॉक के हैं, जबकि तीन मरीज राबर्ट्सगंज के हैं। अब जिले में एक्टिव केस की संख्या 35 हो गई है। फिलहाल सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में ही रखा गया है। दो दिन में ही 26 मामले आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से बचाव के निर्देशों पर सख्ती से पालन कराने की अपील प्रशासन से की है।
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कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद जिले में पहला केस दिसंबर के पहले सप्ताह में मिला था। इसके बाद एक माह में महज आठ पॉजिटिव केस चिह्नित हुए थे। पिछले दो दिनों में देश-प्रदेश के कई हिस्सों की तरह ही जिले में कोरोना के मामलों में तेजी आई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कोरोना के दस नए केस चिह्नित हुए हैं। इसमें दो बढ़ौली चौराहा स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय के हैं। यहां के डीपीएम एक दिन पहले ही संक्रमित हुए थे। उनके बाद संपर्क में आए कर्मचारियों ने जांच कराई थी। दो में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई। बभनौली स्थित एक निजी अस्पताल के समीप रहने वाले युवक में भी कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। इसके अलावा म्योरपुर ब्लाक के रेणुकूट में तीन, पिपरी सीआईएसएफ कॉलोनी में एक, शक्तिनगर कॉलोनी में पांच और हिंडाल्को में एक मरीज मिला है। इसके पहले बृहस्पतिवार को भी 13 मरीज पाए गए थे।
लक्षण दिखने पर कोरोना जांच कराने में न करें देर
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान समय से जांच न कराने और बीमारी छिपाने की कोशिश में ही कइयों की जान चली गई थी। महामारी का भयावह रूप देखने के बाद भी लोग सचेत नहीं हैं। आलम यह है कि इस बार भी कोरोना जैसे लक्षण होने के बाद भी लोग जांच से कतरा रहे हैं। मलेरिया, टाइफाइड सहित अन्य जांचों को ही तरजीह दे रहे हैं। डॉक्टर इसे खतरनाक मान रहे हैं। उनका कहना है कि समय रहते पहचान और सही उपचार से ही कोरोना का संक्रमण रोका जा सकता है।
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कोरोना का असर तेज होने के बाद रैपिड एंटीजन किट और आरटी-पीसीआर के माध्यम से रोजाना 1200-1500 सैंपल की जांच हो रही है। जांच की सुविधा सरकारी केंद्रों पर उपलब्ध है। कुछ निजी केंद्र भी जांच कर रहे हैं। सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खरास के लक्षण कोरोना के हैं। ऐसे ही लक्षण वर्तमान में मौसम में बदलाव के कारण वायरल बीमारी के भी है। ज्यादातर लोग ऐसे लक्षण होने पर वायरल बीमारी समझ कर अपने स्तर से ही दवा कर रहे हैं। मलेरिया-टाइफाइड की जांच कराने वालों की संख्या भी बढ़ी है। निजी पैथॉलाजी केंद्रों पर रोजाना 10-12 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं। सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर ने बताया कि लक्षण दिखने पर किसी भी तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। बेहतर होगा कि लोग तत्काल जांच करा लें। जिला अस्पताल सहित अन्य सीएचसी-पीएचसी पर जांच की सुविधा उपलब्ध है।
जिले में एक्टिव केस की संख्या 35 हो गई है। अभी सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में ही रखा गया है। कोविड अस्पताल में सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। डॉक्टर-कर्मचारी की ड्यूटी लगा दी गई है। जरूरत पड़ने पर तत्काल उन्हें बुला लिया जाएगा। जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। टीकाकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। - डॉ. अमृत राय, नोडल अधिकारी, कोविड अस्पताल।
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