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घाघर मुख्य नहर में छोड़ा गया 1230 क्यूसेक पानी

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सोनभद्र। मिर्जापुर नहर प्रखंड अंतर्गत धंधरौल बांध से घाघर मुख्य नहर में 1230 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नहर में पानी छोड़े जाने से न सिर्फ पशु-पक्षियों को पीने का पानी उपलब्ध होगा। बल्कि भू-जलस्तर में भी सुधार होगा। तालाब, पोखर एवं पोखरी के साथ ही नदी व नालों में पानी एकत्रित होने से पशुपालकों को राहत होगी। वहीं किसान धान की नर्सरी डालने के लिए खेत तैयार करने में जुट गए हैं।
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उमस भरी गर्मी और तपिश बढ़ने से फरवरी महीने में ही बेलन नदी के साथ गांवों में तालाब, पोखर, पोखरी व नाले सूख गए हैं। रॉबर्ट्सगंज, घोरावल और करमा ब्लाक के सैकड़ों गांवों के साथ मिर्जापुर जिले के मड़िहान तहसील क्षेत्र के गांवों में पशुओं के पीने के पानी की समस्या हो गई थी। बेलन नदी के तटवर्ती गांवों में भू-जलस्तर खिसकने से समस्या बढ़ने लगी थी। पशुओं को पीने के पानी की हो रही समस्या को देखते हुए पशुपालक व किसान धंधरौल बांध से घाघर मुख्य नहर के साथ शाहगंज रजवाहा में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की मांग को देखते हुए खबर भी प्रकाशित की गई थी।
इसी क्रम में धंधरौल बांध से घाघर मुख्य नहर, शाहगंज रजवाहा के साथ अन्य नहरों में पानी छोड़ा गया है। इससे लोगों को राहत मिल गई है। वहीं किसान धान की नर्सरी के लिए खेत तैयार करने में जुट गए हैं। इस संबंध में मिर्जापुर नहर प्रखंड के जेई गौरव प्रताप सिंह ने बताया कि धंधरौल बांध से घाघर मुख्य नहर में 10 मई से 1230 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। एक सप्ताह सोनभद्र को पानी देने के बाद एक सप्ताह मड़िहान ब्रांच को पानी दिया जाएगा। बांध में अभी 325 मीलियन घन फुट पानी बचा है।
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