सिंगरौली (सोनभद्र)। मोरवा का विस्थापन रोकने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय ऊर्जा एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल से दिल्ली में मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने मुलाकात का सकारात्मक बताते हुए कहा कि मंत्री पूरे मामले पर संजीदा दिखे।
नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) कोयला खनन के लिए मोरवा को विस्थपित करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। देश का सबसे बड़ा विस्थापन बताते हुए विरोध करने वालों का कहना है। इससे करीब पौने दो लाख लोग प्रभावित होंगे। बीते दिनों सिंगरौली के दौरे पर आए मप्र के सीएम शिवराज ने मंच से विस्थापन बचाओं मंच को आश्वस्त किया था कि मोरवा को विस्थापित नहीं होने देंगे। इसके बाद पूरे मामले पर कोयला व इस्पात स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह व क्षेत्रीय सांसद रीती पाठक भी मोरवा के लोगों के पक्ष में दिलचस्पी दिखाते हुए विस्थापन रद्द करने की अनुसंशा किया था। इसके बाद कोयला मंत्री से मिलने का वक्त मांगा गया। प्रतिनिधि मंडल के सदस्य व भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रामसुमिरन गुप्ता ने बताया कि मंत्री दोपहर 12 बजे संसद भवन कार्यालय में प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के साथ सांसद राकेश सिंह एवं रीती पाठक से मुलाकात कर सकारात्मक रुख दिखाया है। मंत्री ने सचिव से विस्थापन से संबंधी गतिविधियों से जुड़े सभी अभिलेख भी तलब कर लिया है। (ब्यूरो)