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जन सुविधाओं को मजबूत कर पिछड़ापन दूर करें

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सोनभद्र। नीति आयोग से विकास कराने के लिए चयनित 115 जिलों में शामिल सोनभद्र में विकास को मूर्त रूप देने के लिए शासन से कवायद शुरू हो गई है। गुरुवार को भारत सरकार की कृषि एवं कृषि कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा राज ने इसको लेकर कलेक्ट्रेट में अफसरों के साथ बैठक की। विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी भावी योजनाओं की जानकारी उन्हें दी। जनपद में कृषि विभाग, जन स्वास्थ्य, बैंकिंग सेवाएं, जल संरक्षण, स्थानीय रोजगार, प्रधान मंत्री आवास, स्वच्छता को बढ़ावा देकर जिले के पिछड़ेपन को दूर करने पर चर्चा की गई।
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इस दौरान मंत्री कृष्णा राज ने कहा कि जिले के पिछड़ापन को दूर करने के लिए भारत सरकार व यूपी सरकार के सहयोग से तेजी से परिवर्तन लाया जाय। जिला में कृषि वर्षा पर आधारित है। यहां जल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष कार्य की जरूरत है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान पर भी जोर दिया। जिले के किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने, उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाने, बंधों, बंधियों, जल स्रोतों को मजबूत करने की हिदायत दी। मनरेगा से रोजगार देने, दुरूह क्षेत्रों में जन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, कम पानी पर आधारित खेती का चयन करने, प्रधान मंत्री सिंचाई योजना के अनुसार जल स्रोतों को मजबूत करने, सरकारी डाक्टरों की कमी को दूर करने, बाल विकास एवं पोषाहार सेवाओं को पात्रों तक पहुंचाने, प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को आशियाना मुहैया कराने पर बल दिया। डीएम ने मंत्री को जिले में चलायी जा रही योजनाओं और अभिनव प्रयोगों के बारे में जानकारी दी। राज्य मंत्री ने डीएम व उनकी टीम की दो फरवरी को करीब तीन लाख लोगों की मदद से 130 किमी लंबी स्वच्छता मानव श्रृंखला की तैयारियों की तारीफ की। बैठक में विधायक घोरावल अनिल कुमार मौर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, मंत्री के निजी सचिव लोपामुद्रा मोहंती, एसपी आरपी सिंह, प्रशिक्षु आईएएस अंकुर लाठर, सीडीओ रामाश्रय, सीएमओ डॉ. एसपी सिंह, सीएमएस डॉ. पीबी गौतम, एसडीएम सदर विशाल यादव, उप निदेशक कृषि डॉ. आरएस यादव, जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय मौजूद रहे।
उधर प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केंद्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा राज ने कहा है कि सोनभद्र उर्वर जिला है। यहां ऊर्जा, माइनिंग और अन्य स्रोतों से राजस्व बटोरकर जिले का विकास कराया जाएगा। जनपद में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के लाभांश का पैसा जिले के विकास पर खर्च किया जाए।
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कलेक्ट्रेट में बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब मंत्री ने कहा कि कृषि विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कुपोषण को दूर करने और वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का भारत सरकार का प्रयास है। जिला वास्तव में समृद्ध है। जिले में पशु नस्ल में सुधार की जरूरत है, पशु पालन विभाग, उद्यान, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, लोक निर्माण, सामाजिक दायित्व के कार्यों को बढ़ावा देकर जिले के पिछड़ेपन की श्रेणी से बाहर करते हुए प्रदेश के अग्रणी जिले के श्रेणी में लाना है। उन्होंने केंद्र और यूपी सरकार की योजनाएं गिनाईं। कहा कि जनता तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना और जिले के पिछड़ेपन को दूर करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। कहा कि आने वाले समय में जिले के कायाकल्प होगा। गरीब और वंचित समाज के लोग सरकार की योजनाओं से सीधे तौर पर जुड़ेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर हर क्षेत्र में जिले का विकास कराया जाएगा। नीति आयोग ने इसको लेकर सर्वे भी कर लिया है।
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