डाला (सोनभद्र)। श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर फाउंडेशन की तरफ से अचलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मंगलवार को तीन चरणों में महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया। पहले चरण में सोनभद्र की कला चेतना, दूसरे चरण में राज समाज और शिक्षा विषय पर व्याख्यान और तीसरे चरण में कविता पाठ किया गया।
दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मिथिलेश द्विवेदी ने कहा कि सोनभद्र की संस्कृति हमारी पहचान रही है। वर्तमान समय में हमारी पहचान विलुप्त होती जा रही है, जिसे संजोए रखने की जरूरत है। सनोज तिवारी ने कहा कि सलखन का फासिल्स विश्व के प्राचीनतम फासिल्स का प्रतिनिधित्व करता है। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन को रोकने के लिए सचेत होना होगा। दीपक केशरवानी ने कहा कि जिले के प्रागैतिहासकालीन इतिहास पर प्रकाश डाला। अचलेश्वर महादेव फाउंडेशन की शैक्षणिक इकाई उपक्रम के एक वर्ष पूरे होने पर राज समाज और शिक्षा विषय पर प्रकाश डालते हुए ओमप्रकाश तिवारी ने कहा की जन्म लेने के साथ ही शिक्षा की शुरुआत हो जाती है। शिक्षा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में किया जाना चाहिए। रामनाथ शिवेंद्र ने कहा कि हमारी लोक विद्या विलुप्त होती जा रही है, जिसे बचाने के लिए जनजागरण करते रहने की जरूरत है। रामलखन जंगली, सूफी जमाल काबरी, राकेश शरण, ईश्वर बैरागी, जगदीश पंथी, सुशील राही, धंनजय सिंह ने जिले की संस्कृति, भारतीय संस्कृति और समसामयिक विषयों पर कविता पाठ किया। संचालन किरण तिवारी और निखिल शेट्टी ने किया। श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष महंत मुरली तिवारी ने सभी का सम्मान किया। इस मौके पर चंद्रप्रकाश तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी , संजय मिश्रा, रविंद्र पांडेय, विनोद चौबे, सजावल पाठक, नीरज पाठक, राजवंश चौबे, अनिकेत श्रीवास्तव, ऋषि उपाध्याय आदि मौजूद रहे।