भारत सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के निर्देशानुसार सभी बैंक सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लाभार्थियों के प्रति नियमित जिम्मेदारी के साथ ही मानवीय नैतिकता भी निभायेें और जनता के भलाई के लिए कम ब्याज पर कर्ज मुहैया कराएं। यह निर्देश प्रभारी जिलाधिकारी एवं सीडीओ रामाश्रय ने कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में बुधवार को बैंकों की जिलास्तरीय समीक्षा एवं जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में दिए ।
उन्होंने कहा कि जो बैंकर्स जनता के भलाई के मुताबिक न काम करें, उनके खिलाफ समिति द्वारा प्रस्ताव पास कराकर, उन्हें सुधारा जाए। सीसीएल की पेंडिंग कार्यों को निस्तारित करने, किसान क्रेडिट कार्ड सुगमता के साथ बनाये जाने, किसानों को परेशान न करने की हिदायत संबंधितों को दी। वार्षिक ऋण योजना-2018-19 के बुकलेट का बाकायदे विमोचन किया। पिछले बैठक की कार्यवाही पुष्टि, राष्ट्रीय उद्देश्यों की उपलब्धि की समीक्षा, वार्षिक ऋण योजना-2017-18, किसान ऋण योजना, किसान क्लब का गठन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैण्ड-अप इंडिया योजना, सामाजिक सुरक्षा योजना, स्पेशल कंपोनेंट योजना, मत्स्य पालन योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, कामर्शियल लेयर्स/मिनी कामर्शियल लेयर्स योजना, वसूली प्रमाण-पत्र, वित्तीय साक्षरता, आल बैंक योजना के साथ ही अन्य बिन्दुओं की समीक्षा की गई। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय, सीनियर मैनेजर लीड बैंक जेपी श्रीवास्तव, लीड बैंक प्रबंधक सूर्यदत्त संतोषी, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सौरभ प्रताप सिंह, डीडीएम नाबार्ड पंकज कुमार, रविरंजन कुमार आदि मौजूद रहे।