कोरोना संक्रमण के चलते आर्थिक तंगी का सामना कर रहे प्रवासी मजदूरों को जल्द बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से यूपी मजदूर भत्ता योजना के तहत 1053 प्रवासी मजदूरों का चयन किया गया है। इन्हें बेरोजगारी भत्ता के तहत एक-एक हजार रुपये मिलेगा। चयनित प्रवासियों की ऑनलाइन फीडिंग करा दी गई है। अब शहर और ग्रामीण इलाकों में ठेला-खोमचा आदि लगाकर जीवन-यापन करने वालों के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। हजारों पात्र व्यक्तियों की सूची तैयार भी कर ली गई है।
जिले के काफी संख्या मेें गरीब तबके लोग रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई, गुजराज समेत अन्य प्रांतों में जाते हैं। मार्च में कोरोना की जब दूसरी लहर ने जब रफ्तार पकड़ी तो अधिकांश राज्यों में लॉकडाउन लगाना शुरू कर दिया। ऐसे में गैर प्रांतों में कमाने गए सभी श्रमिक अपने-अपने घर वापस लौट आए। योगी सरकार ने मजदूरों की समस्या को देखते हुए उनके खातों में एक हजार रुपये नगद सहायता राशि पहुंचाने का एलान किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूर भत्ता योजना की शुुरुआत उन लोगों के लिए की है जो मजदूर हैं और जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अब तक जिले में करीब 1053 प्रवासी मजदूरों का चयन कर ऑनलाइन डाटा की फीडिंग कर दी गई है। अब शहरी क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारियों एवं ग्रामीण इलाकों में खंड विकास अधिकारियों की देखरेख में ठेला-खुमचा आदि लगाकर जीवन-यापन करने वालों को चयनित करने की प्रक्रिया जारी है।
मजदूर भत्ता योजना के तहत 1053 प्रवासी मजदूरों का चयन किया गया है। सभी प्रवासियों को एक-एक हजार रुपये भत्ता मिलेगा। चयनित प्रवासियों की सूची ऑनलाईन फीड करा दी गई है। शहर और ग्रामीण इलाकों में ठेला-खुमचा आदि लगाकर जीवन-यापन करने वालों के चयन की प्रक्रिया शुरू है। - योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी सोनभद्र।