शक्तिनगर। एनसीएल के कई कोयला प्रोजेक्ट जल्द रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से एनसीएल का कोयला मांग के मुताबिक देश के विभिन्न स्थानों पर आसानी से पहुंच सकेगा। अफसरों के दौरे से लंबित प्रोजेक्ट को लेकर उम्मीद जग गई है।
बुधवार को पश्चिम मध्य व पूर्व मध्य रेल के उच्चधिकारियों संग मेम्बर ट्रैफिक (रेलवे बोर्ड) ने ऊर्जाचंल के कई स्टेशनों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की अमलोरी, निगाही, जयंत व दुद्धीचुआ कोयला सहित कई रेलवे साइडिंगों का निरीक्षण किया और संभावनाएं तलाशा। स्पेशल ट्रेन से पहले सिंगरौली पहुंचे अधिकारियों ने अडानी कंपनी के साइडिंग सहित कई अन्य स्थलों का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम कोयला परियोजनाओं के अधिकारियों के साथ उन स्थलों का जायजा लिया जिनको रेल नेटवर्क से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। अधिकारियों ने करैला-बीना-जयंत (केबीजे) प्रोजेक्ट के प्रगति का जायजा लिया और मातहत अधिकारियों को कई निर्देश दिए। इसके अलावे सिंगरौली-शक्तिनगर व चोपन के बीच लाइन दोहरीकरण के संबंध में भी विस्तार से चर्चा किया। इस मौके पर जीएम पश्चिम मध्य रेल गिरीश पिल्लई, मुख्य परिचालन प्रबंधक पूर्व मध्य रेल सलील कुमार झा, सिनियर डीओएम धनबाद आधार राज, विश्वरंजन जबलपुर, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भोपाल-दिल्ली ट्रेन को नियमित चलाने की मांग
सिंगरौली। दौरे पर आए रेलवे के अधिकारियों को काग्रेस कमेटी सिंगरौली के लोगों ने सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए भोपाल व दिल्ली के बीच नियममित टे्रन चलाने की मांग किया और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली के महामंत्री अमित द्विवेदी के अगुवाई में सौंपा गया। इस दौरान अन्य कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे। अमित द्विवेदी ने कहा कि सिंगरौली से भोपाल एवं दिल्ली की साप्ताहिक ट्रेन को प्रतिदिन किया जाय। सिंगरौली क्षेत्र में पूरे देश के लोग यहां निवासरत हैं। ऐसे में रात्रिकालीन भोपाल एवं दिल्ली की प्रतिदिन ट्रेन की सेवा आवश्यक रूप से शुरू की जाए।