शक्तिनगर । सोनांचल संघर्ष वाहिनी के पदाधिकारियों व कार्यर्ताओं की शनिवार को कोटा बस्ती स्थित संगठन के सब डिविजन कार्यालय में हुई बैठक में 21 जनवरी को होने वाले आंदोलन की रणनीति बनाई गई। इसमें विस्थापितों व स्थानीय युवाओं को ओबी हटाने वाली कंपनी में रोजगार दिलाने के लिए महाआंदोलन कर काला दिवस मनाने का निर्णय लिया।
संगठन के संयोजक अधिवक्ता रोशन लाल यादव ने कहा कि एनसीएल खड़िया में ओबी हटाने वाली नीजि बीजीआर कंपनी यहां के युवाओं के साथ भेदभाव कर रही है। कंपनी के कारण विस्थापित होने वाले युवाओं व स्थानीय लोगों को नौकरी देने की बजाये आंध्र प्रदेश के लोगों को रखकर यहां के लोगों को परेशान किया जा रहा है। रोजगार की मांग को लेकर स्थानीय युवा संगठन के बैनर तले कई बार निजी कंपनी, शक्तिनगर थाना व एनसीएल खड़िया मुख्यालय का घेराव कर मांग की, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने एनसीएल प्रबंधन व जिला प्रशासन पर निजी कंपनी से मिलीभगत कर स्थानीय युवाओं को रोजगार न देने का भी आरोप लगाया। केंद्रीय महासचिव पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि यह आंदोलन नहीं महाआंदोलन है। एनसीएल व बीजीआर प्रबंधन को हर हाल में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर स्थानीय विस्थापित व बेरोजगार मौजूद रहे।