वैनी। अटल ज्योति योजना से गांवों में सोलर लाइट लगाई जा रही हैं। लेकिन कुछ गांवों में सोलर लाइट लगाने और उसके भुगतान को लेकर मनमानी की गई है। एडीओ पंचायत शिरोमणि पाल का कहना है कि गांवों में सोलर लाइट लगा है। डीपीआरओ आरके भारती का कहना है कि मामले में शिकायत आई तो उसकी जांच कराई जाएगी।
अटल ज्योति योजना के तहत जिले के ऐसे गांवों में सोलर लाइट लगाई जानी थी, जहां के लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है। विद्युतीकरण वाले गांवों में भी सार्वजनिक चौराहों, गलियों में यह लाइट लगनी थी। इसके तहत नगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगवाई गई है। लेकिन इसके भुगतान को लेकर गड़बड़ी का भी मामला सामने आया है। पता चला है कि ग्राम पंचायत चननी में 55, पिंडारी में 31, चकरिया में 34, बैजनाथ में 25, मारकुंडी में 30, नगवां में छह, गोटीबांध और दस-दस सोलर लाइट लगाई गई है। इसका भुगतान भी चौदहवां वित्त योजना से कर दिया गया है। चर्चा है कि जहां बाजार में एक लाइट की कीमत 12 से 13 हजार के बीच है, वहीं ग्राम पंचायत से एक की कीमत 22 से 24 हजार के बीच भुगतान हुआ है। इसमें ब्लॉक में तैनात दो सफाई कर्मियों की भूमिका भी चर्चा में है। गांवों में न जाकर एडीओ पंचायत कार्यालय में काम करने वाले सफाईकर्मी वर्क आईडी फीडिंग के साथ ही ब्लॉक में अन्य कार्य भी करते हैं। एडीओ पंचायत शिरोमणि पाल का कहना है कि अटल ज्योति योजना से ग्राम पंचायतों में लगे सोलर लाइट का भुुगतान चौहदवां वित्त योजना से किया गया है। इसमें फिलहाल किसी गड़बड़ी की जानकारी नहीं है। उधर डीपीआरओ आरके भारती का कहना है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। यदि इस मामले में कोई शिकायत आती है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।