बिना बताए पिता मेला देखने क्या गया, बेटा आग बबूला हो गया। उसने जंजीरों से जकड़कर पिता को एक सरकारी बिल्डिंग में कैद कर दिया। उसका पिता सात दिनों तक भूख-प्यास से तड़पता रहा।
जब आस-पास के लोगों को इस बात की सूचना मिली तो मंगलवार को आनन-फानन में उसे मुक्त कराया गया। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना हापुड़ की है।
हापुड़ डिपो के सुलभ शौचालय के ठेकेदार राजेश के पिता कृपाल सिंह का कसूर सिर्फ इतना था कि वह बगैर बताये सात दिन पहले मेला देखने के लिए चला गया था। रात में जब वह शौचालय पर बने अपने कमरे पर आया तो राजेश आग बबूला हो गया।
उसने अपने पिता को जंजीरों से बांधकर डिपो की पुरानी बिल्डिंग में बंद कर दिया। सात दिनों तक भूखे-प्यासे रहकर वृद्ध पिता दर्द के मारे करहाता रहा।
मंगलवार को जब डिपो में संविदाकर्मियों की हड़ताल का हो-हल्ला मच रहा था इस बीच निगम के अधिकारियों को अचानक एक दर्द भरी आवाज सुनाई दी। जब सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सीपी कमल मौके पर पहुंचे तो वृद्ध को जंजीरों में जकड़ा देख दंग रह गए।
आस-पास में जानकारी करने पर पता चला कि वृद्ध शौचालय के ठेकेदार का पिता है। लोगों ने उसे वहां से मुक्त कराया।
एआरएम ने बताया कि राजेश अपने पिता को पागल बता रहा था। उसका कहना है कि पागलपन की वजह से उसने पिता को जंजीरों में बांध रखा था। एआरएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।