मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान सहारनपुर में बड़गांव के खुदाबख्शपुर में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। रिटायर्ड फौजी के छोटे बेटे ने ही दंगे के मुआवजे की खातिर पिता की सोते समय हत्या की थी और खूनी वारदात का राज खुलने के डर से बटाईदार को भी मौत के घाट उतार दिया था।
पुलिस ने आरोपी बेटे जोगेंद्र को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और खोखे बरामद कर लिए हैं। आरोपी बेटे की मंशा 10 लाख मुआवजे के अलावा बीमे के 15 लाख रुपये पर भी थी।
दो अक्तूबर की रात खुदाबख्शपुर माजरा गांव निवासी चंद्रपालसिंह और उसके बटाईदार सौराज की सोते वक्त हत्या कर दी गई थी। अगले दिन सुबह दोनों के गोली लगे शव खेत में पड़े मिले थे।
चंद्रपाल सिंह के छोटे बेटे जोगेंद्र ने ही उस समय पुलिस में बदमाशों द्वारा दोनों की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दर्जनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा था।
सुराग मिलने पर सोमवार शाम पुलिस ने चंद्रपाल सिंह के दोनों बेटों को हिरासत में लेकर फिर पूछताछ शुरू की। गांव वाले हैरान थे और चंद्रपाल की पत्नी ने भी थाने पहुंचकर दोनों बेटों को निर्दोष बताया, लेकिन पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो छोटे बेटे जोगेंद्र ने मुआवजे के लिए पिता की हत्या करने का तमाम राज उगल दिया।
उसने हत्या में प्रयुक्त तमंचा और खोखे घटनास्थल के पास एक गन्ने के खेत से बरामद करवाए। घटना को सांप्रदायिक रंग देने के लिए ही उसने मौके पर टोपी और तहमद भी डाल दिया था। पुलिस ने आरोपी जोगेंद्र को जेल भेज दिया है।