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मोदी की चिंता पर शुरू हुआ 'एक्शन 680'

Sat, 24 May 2014 08:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चिंता जताने के बाद जल निगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई गंगा में सीवर रोकने के लिए वाराणसी शहर और रामनगर के लिए अलग-अलग योजनाएं बना रहा है।
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वाराणसी में चौक, दशाश्वमेध, गोदौलिया, बेनियाबाग, जैतपुरा, आदमपुर, पक्के महाल आदि इलाकों का सीवर गंगा में न जाए, इसके लिए जहां 680 करोड़ की लागत से 592 किमी से अधिक ब्रांच सीवर लाइन डालने की तैयारी है वहीं रामनगर पालिका क्षेत्र में भी करीब 150 करोड़ रुपये से 70 किमी सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव है। दोनों की विस्तृत कार्ययोजना राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन अथारिटी को भेजी जाएगी।

गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए जापानी एजेंसी जायका ने 2003 से 05 तक सर्वे किया था। इसके बाद पुरानी सीवर लाइन बदलने, नई डालने आदि कार्यों के लिए 496 करोड़ रुपये की अलग से योजना स्वीकृत हुई लेकिन तब काशी की गलियों और अन्य इलाकों में ब्रांच सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव इसमें शामिल नहीं हो पाया।
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मोदी ने लिया था दशाश्वमेध घाट पर संकल्प

इधर बीच, 17 मई को दशाश्वमेध घाट पर मनोनीत प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प जताने के बाद गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने काशी की गलियों में भी ब्रांच सीवर लाइन डालने के लिए फिर से विस्तृत कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है।

इसके तहत वरुणा इस पार के इलाकों में डाली जाने वाली ब्रांच सीवर लाइन को अलग-अलग क्षेत्रों से निकालते हुए मुख्य सीवर लाइन में मिलाया जाएगा। इस सीवर लाइन को सुंदरपुर में 40 एमएलडी क्षमता के प्रस्तावित सीवेज पंपिंग केंद्र में मिलाने का भी प्रस्ताव है।

यहां से सीवेज पंप करके दीनापुर में प्रस्तावित 140 एमएलडी क्षमता के नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में भेजा जाएगा।
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शहर को बांटकर बन रही कार्ययोजना

सीवर लाइन डालने के लिए जो कार्ययोजना बनाई जा रही है, उसमें शहर को तीन भागों में बांटा जा रहा है। पहले भाग में शहर के मध्य वाले इलाकों चौक, दशाश्वमेध, गोदौलिया, बेनियाबाग, जैतपुरा, आदमपुर, पक्के महाल आदि में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से 162 किमी सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव है।

दूसरे भाग में शहर के पश्चिम में स्थित सिगरा, महमूरगंज, लहुराबीर, मलदहिया, नदेसर, रेलवे स्टेशन व रोडवेज क्षेत्र में करीब 335 करोड़ रुपये की लागत से 290 किमी सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव है, जबकि तीसरे भाग में शहर के दक्षिण वाले क्षेत्रों बीएचयू व आसपास, अस्सी, लंका, सुंदरपुर, बजरडीहा, संकट मोचन, नगवां, साकेत नगर आदि में करीब 145 करोड़ रुपये की लागत से 140 किमी सीवर लाइन डालने की योजना है।

गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक जेबी राय का कहना है कि काशी की गलियों व अन्य वंचित इलाकों में ब्रांच सीवर लाइन डालने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है। रामनगर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में भी सीवर लाइन डालने के लिए योजना बन रही है। दोनों कार्ययोजना एक महीने के अंदर राष्ट्रीय नदी गंगा बेसिन अथॉरिटी को भेजने की तैयारी है।
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