सीतापुर। स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वे 2021 में सीतापुर नगर पालिका ने लंबी छलांग लगाई है। पिछले साल की तुलना में इस बार 50 पायदान ऊपर चढ़कर देश में 278वीं रैंक हासिल की है। यानी शहर में पहले की अपेक्षा सफाई व्यवस्था बेहतर हुई है। कूड़ा निस्तारण की प्रगति में सुधार हुआ है। इस पर नगर पालिका ने खुशी जताई है। शहरवासियों का मानना है कि अभी इस रैंकिंग में काफी सुधार की जरूरत है।
नगर पालिका को अभी बहुत कुछ काम करना बाकी है। भारत सरकार द्वारा प्रति वर्ष नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत का स्वच्छ सर्वेक्षण कराया जाता है। यह सर्वेक्षण पूरे देश की नगर निकायों में एक साथ होता है। फिर देश में एक साथ रैंकिंग जारी की जाती है। सीतापुर जिले में यह सर्वेक्षण मार्च 2021 में हुआ था।
इस सर्वेक्षण में एक से 10 लाख की आबादी वाली कटेगरी में सीतापुर नगर पालिका ने अपनी रैंकिंग में पहले की अपेक्षा काफी सुधार किया है। पिछले बरस इस सर्वे में सीतापुर नगर पालिका ने 328वीं रैंक हासिल की थी। 2019 में 342वीं रैंक मिली थी। सीतापुर नगर पालिका हर बरस अपनी कमियों को दूर करके रैंकिंग में सुधार कर रहा है।
एक साल में ही 50 नगर पालिकाओं को पिछाड़कर 278वीं रैंक हासिल करने पर नगर पालिका प्रशासन ने खुशी जताई है। देश की 372 नगर पालिकाओं के बीच मुकाबले में यह रैंक हासिल हुई है। अगर लखनऊ मंडल की बात की जाए तो सीतापुर जिले में सभी निकायों ने बेहतर प्रदर्शन करके तीसरा स्थान हासिल किया है। हालांकि, रैकिंग में सुधार जरूर हुआ है। लेकिन अभी नगर पालिका को बहुत काम करना बाकी है। तभी रैंकिंग में अपेक्षा के अनुरूप सुधार हो सकता है।
इन बिदुंओं पर हुआ था सर्वे
जिला कार्यक्रम प्रबंध स्वच्छ भारत मिशन (नगरी) संजीत यादव का कहना है कि मार्च में सर्वे हुआ था। जिसमें शहर में सफाई व्यवस्था कैसी है। कूड़े का निस्तारण किस तरह से हो रहा है। कितने घरों में शौचालय बने हैं, कितने में और आवश्यकता है। कूड़ा कहां पर डाला जा रहा है। डस्टबिन है कि नहीं, अगर है तो वह कहां और किन हालातों में रखे हुए है। सफाई कर्मचारी रोजाना मोहल्लों में जाते है कि नहीं सहित अन्य बिंदुओं पर सर्वे किया गया था।
प्रथम स्थान पर लाने का होगा प्रयास
सीतापुर नगर पालिका ने स्वच्छता के मामले में काफी सुधार किया है। 278वीं रैंक मिली है। इससे खुशी हुई है। आगे और भी बेहतर करने का प्रयास रहेगा। सीतापुर नगर पालिका को नंबर एक पर लाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
- वैभव त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका सीतापुर
पिछले साल की तुलना में सभी निकायों में हुआ सुधार
सीतापुर नगर पालिका सहित सभी छह नगर पालिका व पांच नगर पंचायतों की रैंकिंग में भी पिछले बरस की तुलना में सुधार हुआ है। 50 हजार से एक लाख आबादी की कटेगरी में बिसवां नगर पालिका ने 95 नगर पालिकाओं में 34वीं रैंक हासिल की है। जबकि पिछले बरस 327वीं रैंक थी। नगर पालिका महमूदाबाद ने 41वीं रैंक हासिल की है। पिछले बरस 114वें स्थान पर था।
नगर पालिका लहरपुर ने 44वीं रैंक प्राप्त की है। पिछले बरस 83वीं रैंक थी। 25 हजार से 50 हजार की बीच नगर पंचायतों में नगर पंचायत तंबौर ने 21वीं रैंक हासिल की है। जबकि पिछले बरस 464वीं रैंक थी। इसी तरह नगर पालिका खैराबाद ने 36वीं रैक हासिल की है। जबकि पिछले बरस 35वीं रैंक थी। 25 हजार से कम आबादी वाली नगर पंचायतों की कटेगरी में हरगांव नगर पंचायत ने 35वीं रैंक हासिल की है। पिछले बरस 17वीं रैंक थी।
नगर पंचायत महोली ने 45वीं व पिछले बरस 384वीं रैंक थी। नगर पंचायत सिधौली ने 140वीं रैंक मिली है। पिछले साल 122वीं रैंक थी। नगर पंचायत पैतेंपुर ने 299वीं रैंक हासिल की है। पिछले बरस 147वीं रैंक थी। नगर पालिका मिश्रिख ने 509वीं रैंक हासिल की है। पिछले बरस 793वीं रैंक थी।
हरगांव नगर पंचायतों में प्रथम
जिला कार्यक्रम प्रबंध संजीत यादव का कहना है कि अगर नंबरों के आधार पर रैंकिंग देखी जाए तो जिले में प्रथम नगर पंचायत का तबका हरगांव को मिला है। 2714.66 अंक मिले हैं। दूसरे नंबर पर नगर पंचायत महोली रही है। जिसको 2637.90 अंक मिले है। तीसरे नंबर पर नगर पंचायत तंबौर रहा है, जिसको 2501.56 अंक मिले है।
रैंकिंग में सुधार के लिए सभी को करना होगा प्रयास
सीतापुर नगर पालिका की सफाई के मामले में रैंकिंग सुधरी जरूर है। लेकिन अभी इसमें काफी सुधार की आवश्यकता है। यह प्रयास केवल नगर पालिका को ही नहीं बल्कि हम सभी को मिलकर करना है। तभी हम अपना शहर साफ सुथरा रख सकते हैं। ईओ वैभव त्रिपाठी का कहना है कि हमारी तरफ से बेहतर शहर बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे है।
शहर के नागरिक भी अपनी जिम्मेदार समझें। वह सड़कों व खुले स्थानों पर कूड़ा करकट न डालें। जानवरों को सड़कों पर टहलने के लिए न छोड़ें। सूखा व गीला कूड़े को अलग-अलग करके सफाई कर्मचारियों को सौंपे। तभी बेहतर सुधार हो सकता है।