सीतापुर। सख्त हिदायत के बावजूद जिम्मेदारों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है। हर छोटे से बड़े कार्य के लिए लोेगों से सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। इसकी बानगी मछरेहटा थाने में आयोजित समाधान दिवस में शनिवार को सामने आई। वहां कानूनगो द्वारा एक रिटायर फौजी से 10 हजार रुपये मांगे जाने का मामला सामने आया।
मछरेहटा के बारेपारा गांव निवासी रिटायर्ड फौजी दिनेश कुमार शुक्ला की जमुनापुर दक्षिण में जमीन है। उनके मुताबिक उन्होंने अपने बेरोजगार बेटे के लिए जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। जिसके बाद जनवरी में पैमाइश और मेड़बंदी के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
एसडीएम ने मेड़बंदी के लिए धारा 24 के तहत कार्रवाई करने की हिदायत दी। आरोप लगाया कि वाद दाखिल करने के बाद पैमाइश के लिए कानूनगो ने कैलकुलेटर पर लिखकर 15 हजार की मांग की। बाद में कहा कि आप रिटायर्ड फौजी हो, इसलिए आपसे 10 हजार ले लेंगे। असमर्थता जताने पर काम नहीं हुआ। रिटायर्ड फौजी ने बताया कि शनिवार को थाना दिवस में आए तो वहां कानूनगो ने शिकायती पत्र देने से पहले ही रोक लिया और पैसे की मांग की।
मैंने असमर्थता जताई तो टरकाने लगे। शिकायत करने पर नायब तहसीलदार ने रिटायर फौजी से कहा कि आपको यहां आने की जरूरत नहीं है। ये लोग खुद पूरी प्रक्रिया करेंगे। पीड़ित ने कहा कि भ्रष्ट हो चुके अफसर मेरा काम नहीं करेंगे। अगर ऐसा होगा तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।