सीतापुर में दुर्गापुरवा स्थित मंत्री राकेश राठौर गुरू के आवास पर बैठे उनके बड़े भाई सतीश राठौर व
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सीतापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल में सीतापुर जिले का पूरा ध्यान रखा। जिले से सदर व हरगांव विधायक को मंत्री पद देकर गौरव बढ़ाया है। पिछली भाजपा सरकार में जिले के भाजपा के सात विधायक होने के बावजूद किसी को मंत्री पद नहीं मिल सका था। नेताओं की यह कसक इस बार पूरी हो गई। अगर जिले की बात की जाए तो पांच साल बाद एक साथ दो मंत्री पद मिले हैं। इससे पहले सपा सरकार में जिले के दो विधायकों को मंत्री पद नसीब हुआ था।
योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में सीतापुर का बखूबी ख्याल रखा है। पिछली भाजपा सरकार में केवल महमूदाबाद व सिधौली छोड़कर अन्य सात सीटों पर भाजपा का परचम लहराया था। लेकिन किसी भी नेता को मंत्री बनने का गौरव हासिल नहीं हो सका था। लेकिन इस बार भाजपा ने अपनी एक सीट की वृद्धि करके जिले की आठ सीटों पर कब्जा जमाया है। केवल लहरपुर सीट सपा के हाथ लगी है। इससे जिले में इस बार मंत्री पद मिलने के तमाम कयास लगाए जा रहे थे। हर कोई अपने-अपने स्तर से मंत्री पद किसे मिलेगा, इसका गुणा भाग कर रहा था। लेकिन सबसे आश्चर्यचकित नाम सदर सीट से राकेश राठौर गुरु का रहा। पहली बार टिकट मिलने पर मिली जीत में मंत्री पद मिलना। हर किसी के जुबान पर चर्चा का विषय बना हुआ था। हालांकि राजनीतिक पंडितों का कहना है भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर जातीय समीकरण के आधार पर दो मंत्री पद दिए हैं।
वहीं हरगांव से लगातार दूसरी बार विधायक बने सुरेश राही को मंत्री पद दिया गया है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि भाजपा ने दलित व ओबीसी वर्ग के विधायकों को पद देकर एक संदेश देने का काम किया है। इनके विधायक बनते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। अगर जिले की बात की जाए तो अखिलेश यादव की सरकार में महमूदाबाद से विधायक रहे नरेंद्र सिंह वर्मा व मिश्रिख के विधायक रहे रामपाल राजवंशी को मंत्री बनाया गया था। उसके बाद पांच साल तक जिले के जनप्रतिनिधि मंत्री बनने के लिए आतुर रहे। लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ ने यह कमी पूरी कर दी है।
राजेंद्र गुप्ता के बाद राकेश व सुरेश बने मंत्री
अगर भाजपा सरकार की बात की जाए तो 1992 में प्रदेश में कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे। उस समय जिले के कद्दावर नेताओं में शुमार स्वर्गीय राजेंद्र गुप्ता सीतापुर सदर से विधायक चुने गए थे। कल्याण सिंह सरकार ने राजेंद्र गुप्ता को कैबिनेट मंत्री पद से नवाजा था। अगर भाजपा की बात की जाए तो 20 साल बाद पार्टी से जिले में कोई विधायक मंत्री पद तक पहुंच सका है।
अमर उजाला ने पहले ही जता थी आशंका
अमर उजाला ने इस बार के मंत्रिमंडल में जिले से दो मंत्री पद मिलने की पहले ही आशंका जता दी थी। मंत्रिमंडल में इस बार जिले का खुल सकता है खाता शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें ब्राह्मण, दलित व ओबीसी चेहरे पर दांव लगाए जाने की बात कही थी। अमर उजाला की यह खबर उस समय सच साबित हुई। जब योगी सरकार ने राकेश राठौर गुरु व सुरेश राही को बुलाकर मंत्री पद देकर जिले का सम्मान बढ़ा दिया।