फोटो-02नैमिषारण्य में मां ललिता देवी के दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : गैगेंस्टर आरोपियों की कुर्की करते पुलिस प्रशासन के अधिकारी
सीतापुर। चैत्र नवरात्र में बुधवार को महामाई के सप्तम कालरात्रि स्वरूप की आराधना में श्रद्धालु लीन रहे। जिले के देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ा। घरों में मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने वैभव व खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। शहर के देवी मंदिरों में महिलाओं ने भजनों से महामाई का गुणगान किया।
बृहस्पतिवार को अष्टमी का हवन-पूजन होगा। शहर में पराग डेयरी के पास और गोपालघाट स्थित काली माता के मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए नवरात्र के सातवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसके अलावा आलमनगर व पंजाबी धर्मशाला स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर और सिटी पावर हाउस के सामने संतोषी माता मंदिर में श्रद्धालुओं के आवागमन और दर्शन-पूजन का क्रम दिन भर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां कालरात्रि की उपासना कर खुशहाली तथा वैभव का आशीर्वाद मांगा। पंजाबी धर्मशाला के दुर्गा मंदिर और लोहारबाग के त्रिकोणनाथ मंदिर में महिला श्रद्धालुओं की मंडली ने आए तेरे शरण मैया और मैया का दर्शन पाकर हो गए निहाल.. आदि भजनों से मां का गुणगान किया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जगत जननी माता दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप का तन अंधकार की तरह काला है और गले में बिजली की तरह चमकने वाली माला है। इनके तीन नेत्र ब्रह्मांड की तरह गोल हैं। माता का स्वरूप भले ही रौद्र है लेकिन यह हमारे अंदर आशा का संचार करता है। कालरात्रि माता हमें जीवन के गहन अंधकार में भी आशा और विश्वास की ज्योति हमेशा जलाए रखने का संबल प्रदान करती हैं। माता कालरात्रि की आराधना से शत्रुओं का नाश होता है और श्रद्धालुओं को खुशहाली एवं वैभव की प्राप्ति होती है।